कश्मीर में फिर उबाल, पीडीपी नेता की हत्या

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भारत प्रशासित कश्मीर में अज्ञात हमलावरों ने सत्ताधारी पीडीपी पार्टी के एक नेता को गोली मार दी जिसमें उनकी मौत हो गई है.

अब्दुल ग़नी डार ऐसे तीसरे राजनेता हैं जो उपचुनाव के बाद हुई हिंसा में मारे गए हैं.

पुलिस का कहना है कि 9 अप्रैल को हुए संसदीय उपचुनाव के बाद से कम से कम तीन राजनेताओं की मौत हो गई है जिनमें से दो सत्ताधारी पीडीपी के हैं जबकि एक विपक्षी नेशनल कॉन्फ़्रेंस का है.

राज्य में जारी प्रदर्शनों को रोकने के लिए पुलिस की कार्रवाई में कम से कम दस युवकों की भी मौत हो गई है.

इस बीच भारत प्रशासित कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली में मुलाकात की और राज्य के तनावपूर्ण हालात की जानकारी दी.

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उधर, सोमवार को राज्य के कई स्कूल और कॉलेज परिसरों में तनाव का माहौल है. यूनिफ़ॉर्म में छात्र और छात्राएं सड़क पर निकलकर प्रदर्शन कर रहे हैं और कश्मीर में भारत के शासन के ख़िलाफ़ नारे लगा रहे हैं.

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Image caption यूनीफ़ॉर्म में छात्रों का प्रदर्शन और पत्थरबाज़ी

पुलिस और सेना ने दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा ज़िले के एक कॉलेज में छापेमारी की है.

इस घटना से कश्मीर घाटी में बड़े पैमाने पर छात्रों का प्रदर्शन शुरू हो गया है.

सरकार ने पहले ही इंटरनेट सेवाएं बंद कर रखी हैं. स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय कई दिनों से बंद थे.

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सोमवार को कई हफ्ते तक बंद रहने के बाद जब स्कूल और कॉलेज खुले तो छात्र एक बार फिर प्रदर्शन करने लगे.

वीमेंस कॉलेज और एसपी कॉलेज के छात्रों और छात्राओं ने श्रीनगर के लाल चौक पर मार्च करने की कोशिश की लेकिन सुरक्षा बलों ने उन्हें रोक दिया जिससे दोनों पक्ष के बीच झड़पें हुईं.

भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के दर्जनों गोले दागे और हवा में फ़ायरिंग की.

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