'परशुराम, अग्रसेन के जन्मदिन सरकार को कैसे पता'

  • 27 अप्रैल 2017
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उत्तर प्रदेश सरकार ने 15 हस्तियों के सम्मान में दी जाने वाली छुट्टियों को रद्द कर दिया है. छात्रों की ओर से सरकार के इस कदम पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं.

बारहवीं कक्षा में पढ़ने वाले श्रेयांश त्रिवेदी कर्पूरी ठाकुर को नहीं जानते तो दसवीं कक्षा में पढ़ने वाली अनीता पटेल चंद्रशेखर नाम से सिर्फ़ चंद्रशेखर आज़ाद को जानती हैं.

उनका कहना है कि वो स्वाधीनता आंदोलन में शामिल हुए थे, शायद इसीलिए उनकी याद में सरकार एक दिन की छुट्टी रखती हो.

लेकिन जब उनसे पूछा गया कि चंद्रशेखर आज़ाद के नाम पर ये छुट्टी नहीं थी बल्कि किसी और चंद्रशेखर के नाम पर थी, तो दूसरे चंद्रशेखर यानी पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बारे में उन्हें पता नहीं था.

योगी सरकार ने रद्द कीं 15 छुट्टियां

पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर भी उन पर पंद्रह महापुरुषों में शामिल हैं जिनके जन्म दिन पर सरकारी स्कूलों में अभी तक छुट्टी दी जाती थी लेकिन अब रद्द कर दी गई है.

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सरकार का कहना है कि महापुरुषों के जन्म दिन पर छुट्टी देने से अच्छा है कि छात्रों को उन महापुरुषों और उनके योगदान के बारे में बताया जाए.

ऐसे कई महापुरुष हैं जिनके जन्म दिन या फिर पुण्य तिथि पर सरकारी छुट्टियां होती हैं, स्कूल बंद रहते हैं लेकिन छात्र तो छोड़िए, बड़े लोग भी कई बार इन महापुरुषों के बारे में नहीं जानते हैं.

प्रियंका यादव ग्रेजुएशन कर रही हैं, हँसते हुए कहते हैं, "मेरी समझ में नहीं आता कि लोगों को परशुराम, महाराज अग्रसेन, महर्षि वाल्मीकि, महाराणा प्रताप, महर्षि कश्यप जैसे महापुरुषों के बर्थ डेज़ पता कैसे हैं ?"

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Image caption प्रियंका यादव, छात्र

हालांकि ख़ुद प्रियंका भी इन पंद्रह महापुरुषों में से कई के बारे में कुछ नहीं जानतीं.

क्या सिर्फ छुट्टी घोषित करके होगा महापुरुषों का सम्मान?

वहीं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे मुश्ताक़ अली सरकार के इस फ़ैसले का स्वागत करते हैं और कहते हैं कि जब बच्चे जानते ही नहीं कि ये महापुरुष कौन हैं, तो अच्छा यही है कि इनके बारे में और इनके योगदान के बारे में बताया जाए. वो कहते हैं कि छुट्टी कर देना कौन सा सम्मान है?

चौधरी चरण सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के अलावा देश के प्रधानमंत्री भी रहे हैं लेकिन युवा पीढ़ी में ऐसे बहुत से लोग मिलेंगे जो कि उनका नाम तक नहीं जानते.

बारहवीं कक्षा के ही एक अन्य छात्र आशू सिंह चौधरी चरण सिंह का नाम तो जानते हैं लेकिन उन्हें ये नहीं पता कि वो यूपी से थे या किसी अन्य राज्य से.

स्नातक कर रहे दिनेश जायसवाल कहते हैं कि सामान्य ज्ञान या फिर इतिहास में जिन लोगों का नाम पढ़ा है, उन्हीं के बारे में पता है और नहीं.

वो कहते हैं, "कई बार छुट्टियां होती हैं तब जानकर आश्चर्य होता है कि आख़िर ये हैं कौन, जो इतने बड़े महापुरुष हैं, लेकिन हम लोग उन्हें जानते तक नहीं. कई बार तो अपने ज्ञान पर झल्लाहट होती है, बाद में सोचते हैं कि इन्हें जानना कोई बहुत ज़रूरी भी नहीं है."

फिर इन महापुरुषों के जन्म दिन पर छुट्टियां क्यों दी जाती हैं, इस सवाल के जवाब में दिनेश कहते हैं कि इसके पीछे सरकारों का मक़सद कुछ लोगों को खुश करना है, और कुछ नहीं.

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Image caption चौधरी चरण सिंह

बीते 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती के एक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के नए मुख्‍यमंत्री आदित्‍यनाथ योगी ने इतनी ज़्यादा छुट्टियों पर नाराज़गी जताई थी.

उन्होंने कहा था कि महापुरुषों के जन्‍मदिन पर छुट्टी की बजाय उस दिन महापुरुषों की जिंदगी के बारे में बच्‍चों को बताया जाना चाहिए ताकि बच्चे उनकी ज़िंदगी से प्रेरणा हासिल करे सकें. बाद में कैबिनेट के फ़ैसले में इनमें से 15 छुट्टियों को ख़त्म कर दिया गया.

उत्तर प्रदेश में तमाम ऐसी छुट्टियां हैं, जो और किसी राज्य में शायद ही हों. कर्पूरी ठाकुर बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और बिहार के विकास में उनका काफी योगदान है, लेकिन उनके जन्म दिन पर वहां कोई छुट्टी नहीं है जबकि उत्तर प्रदेश में अभी तक उनके जन्म दिन पर छुट्टी दी जाती थी.

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