मुस्लिम बुज़ुर्ग का क़त्ल युवा वाहिनी ने नहीं नाराज़ भीड़ ने किया - हिंदू युवा वाहिनी

  • 4 मई 2017
Image caption हिंदू युवा वाहिनी के सुनील सिंह राघव का कहना है कि मुस्लिम बुज़ुर्ग की हत्या में उनकी संस्था का कोई हाथ नहीं है.

हिंदू युवा वाहिनी ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एक मुस्लिम बुज़ुर्ग की हत्या में हाथ होने से साफ़ इनकार किया है.

उनका कहनाहै कि मुस्लिम बुज़ुर्ग के क़त्ल के लिए युवा वाहिनी नहीं नाराज़ भीड़ ज़िम्मेदार है.

युवा वाहिनी की स्थापना, योगी आदित्यनाथ ने की थी जो अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं.

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आरोप के मुताबिक़ बुलंदशहर के गांव सोही में 60 साल के ग़ुलाम अहमद की कुछ लोगों ने पिटाई कर दी थी जिससे उनकी मौत हो गई.

इस मामले में गिरफ़्तार हुए तीन युवाओं का संबंध हिंदू युवा वहिनी से बताया जा रहा है.

सोही गाँव में एक हफ़्ता पहले एक मुस्लिम युवा और हिंदू लड़की के कथित तौर पर फ़रार होने के बाद से तनाव है.

कहा जा रहा है कि हमला करने वालों को लगता था कि ग़ुलाम अहमद को लड़का-लड़की के फ़रार होने की पहले से जानकारी थी.

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लेकिन स्थानीय पुलिस अधिकारी एन सिंह के अनुसार गिरफ़्तार किए गए युवा किसी संगठन से नहीं जुड़े थे. वहीं हिंदू युवा वाहिनी से जुड़े लोग कह रहे हैं कि जिन लोगों को पुलिस ने पकड़ा है वो संस्था के सदस्य हैं और बिलकुल निर्दोष हैं.

Image caption गुलाम अहमद के परिवार वाले डरे हुए हैं

युवा वाहनी के बुलंदशहर ईकाई के अध्यक्ष सुनील सिंह राघव ने बीबीसी संवाददाता ज़ुबैर अहमद से कहा," हमारा कोई कार्यकर्ता वहां नहीं था. कोई भी कुछ भी कह सकता है. घटनास्थल पर जो लोग थे उनके पास हिंदू युवा वाहिनी की नेम प्लेट तो नहीं थी."

बीबीसी: फिर ऐसे में बुज़ुर्ग की हत्या करने वाले कौन लोग हो सकते हैं.

सुनील सिंह राघव: लड़का-लड़की के भागने की घटना के 10-12 दिन बीतने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई तो भीड़ का आक्रोश था वो निकला था. ऐसा नहीं होना चाहिए था, क़ानून हाथ में नहीं लेना चाहिए था. हम इसकी निंदा करते हैं. 12-13 साल के तीन लड़के क्या एक आदमी को मार सकते हैं?

Image caption घटना के बाद परिवार पलायन करने की बात कर रहा है

बीबीसी: अगर युवा वाहिनी के लोग इसमें शामिल हुए तो उसे बनाने वाले योगी आदित्यनाथ जो अब प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं, उनपर सवाल उठेंगे.

सुनील: हिंदू युवा वाहिनी का काम किसी को मारना नहीं है. 16 साल में सिर्फ़ एक आरोप को छोड़कर हम पर कोई आरोप नहीं हैं. युवा वाहिनी का काम दुखी, पीड़ित, दलित लोगों को बीच जाकर कार्य करना है न कि किसी को मारना.

बीबीसी: वो लोग कह रहे हैं ये उनका पुश्तैनी गांव है, लेकिन घटना के बाद डरकर अब वो पलायन कर लेंगे.

सुनील: ऐसा नहीं होगा, वो उनका पुश्तैनी गांव है और वो लोग आजीवन वहीं रहेंगे.

बीबीसी: आपकी संस्था को लोग मुस्लिम विरोधी कहते हैं, क्या ये सही है?

सुनील: ये बिल्कुल ग़लत है, आप गोरखपुर जाकर देखिए, वहां हमारे अस्पतालों और संस्थाओं का फ़ायदा उठाने वाले 60 से 70 प्रतिशत हमारे मुस्लिम भाई होते हैं.

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