पतंजलि का मुनाफ़ा सुन कपालभाति करना होगा: स्वामी रामदेव

  • 4 मई 2017
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योगगुरु से एक बड़े कारोबारी तक की यात्रा करने वाले स्वामी रामदेव ने कहा है कि उनकी कंपनी पतंजलि का उत्तराधिकारी कोई व्यापारी नहीं बल्कि संन्यासी होगा. स्वामी रामदेव ने पतंजलि के कारोबार की विस्तृत जानकारी सालाना प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी.

रामदेव ने कहा कि सौंदर्य प्रसाधनों में पतंजलि का दखल लगातार बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान में एफ़एमसीजी (फास्ट मूविंग कंज़्यूमर गुड्स) का मतलब विदेशी कंपनी हो गया था और टूथपेस्ट का मतलब कोलगेट होता था. रामदेव ने कहा कि उन्होंने विदेशी कंपनियों के एकाधिकार को तोड़ा है.

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उन्होंने कहा, ''1857 की लड़ाई हमने किसी हुक़ूमत के ख़िलाफ़ नहीं लड़ी थी बल्कि एक कंपनी के ख़िलाफ़ लड़ी थी. पतंजलि का संकल्प है कि विदेशी कंपनियों की आर्थिक लूट से देश को मुक्ति मिले. हम स्वार्थ के लिए नहीं परमार्थ के लिए काम कर रहे हैं. जो भी मुनाफा होगा देशहित में लगाएंगे.''

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इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में रामदेव द्वारा कही गई अहम बातें-

  • पतंजलि का उत्तराधिकारी संन्यासी ही होगा न कि कोई कारोबारी.
  • 2016-17, पतंजलि का टर्नओवर 10561 करोड़ हुआ. टर्नओवर सुनकर विदेशी कंपनियों को कपालभाति करना होगा.
  • पतंजलि आवासीय स्कूल खोलेगा जिसमें शहीद के बच्चे पढ़ेंगे. इस स्कूल में शहीद के बच्चे मुफ़्त में पढ़ेंगे. यह स्कूल एनसीआर में होगा.
  • दंतकाति ने सालाना 940 करोड़ का व्यापार किया. जल्द ही कोलगेट का गेट बंद हो जाएगा. टूथबेस्ट के कारोबार में दंतकांति का 14 फ़ीसदी दखल.
  • मुस्लिमों के बीच गोमूत्र को लेकर अफ़वाह फैलाई गई.
  • केशकांति ने सालाना 825 करोड़ का कारोबार किया. आने वाले वक़्त में इसका दखल और बढ़ने वाला है.
  • जम्मू-कश्मीर में पतंजलि का एक प्लांट लगेगा.
  • विमबार का भूतकाल में चला जाएगा. हमने बर्तन धोने के लिए राख और नींबू का इस्तेमाल कर विश्वास बार बनाया है.
  • पतंजलि का मुनाफा 100 फ़ीसदी की दर से बढ़ रहा है
  • दिव्य फ़ार्मेसी का टर्नओवर 870 करोड़ रहा

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