दो साल के बच्चे को 200 रुपए में बेचने का आरोप

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त्रिपुरा में एक बच्चे को बेचने का मामला सामने आया है जहाँ एक आदिवासी महिला पर अपने दो साल के बच्चे को 200 रुपए में बेचने का आरोप है.

ये घटना अगरतला से 170 किलोमीटर दूर गंडाचेरा इलाक़े में हुई.

पिछले 15 दिनों में एक ग़रीब आदिवासी परिवार द्वारा अपना बच्चा बेचने का ये दूसरा मामला है.

बच्चे के पिता खनाजॉय रियांग ने बीबीसी से बात करते हुए कहा, "मैंने मना किया था लेकिन माँ ने 200 रुपए में बेच दिया. ये 15-20 दिन पहले हुए."

उन्होंने कहा, "बच्चे को लेकर गाँव में विवाद हो गया था. चौधरी के घर सबको बुलाया गया और ये तय किया गया कि बच्चे को वापस कर दिया जाए. हम उनसे मिलने भी गए. पर बच्चा वापस नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि वे उसे माँ को ही लौटाएँगे."

बच्चे की माँ ने बीबीसी से बात करने से इनकार कर दिया.

पहले भी हुए ऐसे मामले

स्थानीय बाल कल्याण विकास प्रोजेक्ट ऑफिसर आबिद हुसैन ने बताया है कि उन्हें घटना की जानकारी है और वो बच्चे को वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं.

उन्होंने बताया, "हमें सूत्रों से पता चला कि इस बच्चे को किसी और को दे दिया गया है. मैं ख़ुद बच्चे के घर गया था और वहाँ भी गया जहाँ बच्चे को बेचा गया है. बच्चे की माँ उसे अपनाने को तैयार नहीं थी. मैंने चाइल्ड लाइन को ये बात बताई है. बच्चा अभी उसी व्यक्ति के पास है."

इसी तरह की एक घटना में कुछ दिन पहले एक आदिवासी महिला ने कथित तौर पर अपने 11 दिन के बेटे को 5000 रुपए में बेच दिया था. कहा जा रहा है कि उसने ऐसा अपने पति का इलाज कराने के लिए किया.

पिछले दो सालों में त्रिपुरा में गरीब परिवारों द्वारा बच्चा बेचने की कम से कम चार घटनाएँ हो चुकी हैं.

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