ओडिशा में पटनायक सरकार से 9 मंत्रियों के इस्तीफ़े

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ओडिशा में नवीन पटनायक रविवार को अपने मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल करने जा रहे हैं. उन्होंने नौ मंत्रियों से इस्तीफ़ा ले लिया है और उनकी जगह पर 11 नए मंत्रियों को शपथ दिलवाई जाएगी.

तीन साल के बाद पटनायक मंत्रिमंडल में विस्तार होने जा रहा है और मौजूदा आठ मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.

ओडिशा में 2019 में विधानसभा चुनाव होने हैं और हाल ही में हुए स्थानीय निकाय के चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को मिले समर्थन ने नवीन पटनायक सरकार के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है.

बीजेपी ने पिछले महीने भुवनेश्वर में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक कर ये संदेश दिया है कि वह राज्य में अपने विस्तार को लेकर गंभीर है.

इस्तीफ़ा देने वाले मंत्रियों में संजय दासवर्मा, प्रदीप पाणिग्राही, प्रणब प्रकाश दास, अरुण साहू, पुष्पेंद्र सिदेव, सुदाम मरांडी, लाल बिहारी हिमिरिका, देवि मिश्रा और योगेंद्र बेहेरा.

इस्तीफ़ा देने के बाद पुष्पेंद्र सिंहदेव ने कहा, "यह एक स्वाभाविक परिवर्तन है. मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद मैंने इस्तीफ़ा दिया है."

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मंत्रियों के इस्तीफ़े के बाद नवीन पटनायक ने मीडिया से कहा, "संगठन में काम करने के लिए मंत्रियों ने इस्तीफ़ा दिया है."

उन्होंने कहा कि वो मंत्रियों के शुक्रगुज़ार हैं.

इससे पहले, शुक्रवार शाम को विधानसभा के स्पीकर निरंजन पुजारी ने भी इस्तीफ़ा दे दिया था. कहा जा रहा है कि उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है.

कहा जा रहा है कि राज्य में बीजेपी की बढ़ती लोकप्रियता से बीजू जनता दल (बीजद) छवि सुधारने की कोशिशों में जुट गई है.

वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक दिलीप शतपथी का कहना है कि पंचायत चुनावों में बीजेपी की सफलता नवीन पटनायक के लिए चिंता का कारण बन गई है. 17 साल तक सत्ता में बने रहने के बाद पहली बार पार्टी को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है.

उधर, भाजपा के प्रवक्ता सज्जन शर्मा का कहना है कि लोगों ने किसी मंत्री को नहीं बल्कि नवीन पटनायक को अपना वोट दिया था. नवीन पटनायक से अब लोगों का यकीन उठ गया है.

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