स्टॉक मार्केट से कमाए एक करोड़ फ़ौज को दिए

  • 8 मई 2017
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Image caption जनार्दन भट्ट और उनकी पत्नी एक करोड़ के चेक के साथ.

गुजरात के भावनगर के एक रिटायर्ड बैंक कर्मी और उनकी पत्नी ने भारतीय फ़ौज को एक करोड़ रुपये दान में दिए हैं.

82 साल के जनार्दन भट्ट और उनकी पत्नी पद्मा ने स्टॉक मार्केट में कमाए एक करोड़ रुपए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय सुरक्षा निधि में जमा करए हैं.

इससे पहले अक्षय कुमार और साइना नेहवाल जैसी हस्तियों ने भी इस निधि में पैसे जमा किए है.

इन निधि के तहत स्वेच्छा से दान में मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल सरकार भारतीय फ़ौज के जवानों के कल्याण पर ख़र्च करती है.

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जनार्दन भट्ट का कहना है कि आज पाकिस्तान और चीन की सीमा पर माहौल तनाव भरा है इसलिए देश के आम नागरिकों को भारतीय फ़ौज का मनोबल ऊंचा रखने के लिए कुछ करना चाहिए.

वो 1993 में स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया से क्लर्क के तौर पर रिटायर हुए थे.

2005 में अपनी शादी की 50वीं सालगिरह के मौके पर उन्होंने और उनकी पत्नी ने यह फ़ैसला लिया कि वो स्टॉक मार्केट की कमाई को नियमित तौर पर दान दिया करेंगे.

उन्होंने बताया, "1958 से मैं स्टॉक मार्केट में निवेश करता आ रहा हूं. मैंने पहला निवेश एक ऑटो कंपनी में 500 रुपए का किया था. मैंने स्टॉक मार्केट में बहुत मुनाफा कमाया. अपनी शादी की 50वीं सालगिरह के मौके पर हमने फ़ैसला लिया कि हम अपनी इस दौलता का इस्तेमाल दान देने में करेंगे. हमारी कोई संतान नहीं है. हम उन चैरिटी संगठनों को दान देने लगे जो शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए काम करते हैं."

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जनार्दन भट्ट का कहना है कि अब तक वो 1.4 करोड़ रुपए अलग-अलग संगठनों को दान में दे चुके हैं.

वो कहते हैं, "इस साल स्टॉक मार्केट में मुझे अब तक का सबसे बड़ा मुनाफा हुआ है इसलिए मैं ज्यादा दान देने में सक्षम हूं."

इस साल किसी ग़ैर-सरकारी संगठन को दान देने की बजाए उन्होंने भारतीय फ़ौज को एक करोड़ रुपए देने का फ़ैसला लिया. उनका कहना है, "पाकिस्तान और चीन से ख़तरा बढ़ गया है. मैं चाहता हूं कि सरकार इन रुपयों का इस्तेमाल फ़ौज के लिए उन्नत हथियार ख़रीदने में करे. मैं चाहता हूं कि भारत के पास नवीनतम टैंक और मिसाइल हों. मैंने नक्सली हमले में हाल में मारे गए जवानों के लिए भी दो लाख रुपए दान में दिए है."

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जनार्दन भट्ट का कहना है कि वो आगे भी फ़ौज को दान देंगे.

वो कहते हैं, "मैं साधारण तरीके से ज़िंदगी जीता हूं. मैं ऑटोरिक्शा में चलता हूं. मैं कभी छुट्टियां मनाने नहीं जाता. मैंने स्टॉक मार्केट में बहुत मुनाफा कमाया है. लेकिन हम इस राशि को दान में देने के लिए प्रतिबद्ध हैं. हम दोनों अपना गुज़ारा पेंशन में मिलने वाले पैसे से चलाते हैं. मुझे 16,699 रुपए पेंशन में मिलते हैं."

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