प्रेस रिव्यू: 'फैयाज़ को दुल्हन के पास से उठा ले गए'

  • 11 मई 2017
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शोपियां में सेनाधिकारी को अगवा कर मारने की घटना, बसपा से वरिष्ठ नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी को निकाला जाना और तीन तलाक पर सुनवाई के शुरू होने की ख़बर अख़बारों की सुर्खियां बनी हैं.

इंडियन एक्सप्रेस ने लिखा है कि भारत प्रशासित कश्मीर के शोपियां में सेनाधिकारी को अगवा कर मारने की घटना एक अहम घटना साबित होगी.

राजपूताना राइफ़ल्स के लेफ़्टीनेंट जनरल अभय कृष्णा ने कहा है कि ये पल कश्मीर के लिए अहम होगा और चरमपंथ को लेकर कश्मीरियों के नज़रिए में ये ऐतिहासिक बदलाव लाएगा.

वहीं अख़बार लिखता है कि सेना में तैनाती के बाद पहली बार लेफ्टिनेंट उमर फैयाज़ छुट्टी पर घर आए थे, वो अपनी बहन की शादी में शिरकत करने आए थे और जिस वक्त उन्हें चरमपंथी ले गए वो दुल्हन के साथ बैठे थे.

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टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने लिखा है कि पांच धर्मों के पांच जज तीन तलाक पर सुनावई करने वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच में शामिल हैं.

तीन तलाक और हलाला जैसी प्रथाओं की संवैधानिक वैधता पर विचार करने के लिए बृहस्पतिवार से शुरू होने जा रही है.

अदालत की छुट्टियों के पहले दिन सुप्रीम कोर्ट की ये बेंच सुनवाई शुरू कर रही है. इसमें चीफ़ जस्टिस जे एस खेहर (सिख), जस्टिस कुरियन जोसेफ़ (ईसाई), आर एफ़ नरीमन (पारसी), यू यू ललित (हिंदू) और अब्दुल नज़ीर (मुस्लिम) शामिल हैं.

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तीन तलाक की प्रथा पर सुनवाई को ख़ुरन सुन्नत सोसायटी, शायरा बानो, आफ़्रीन रहमान, गुलशन परवीन, इशरत जहां और अतिया साब्री की याचिकाओं को भी जोड़ा गया है.

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इंडियन एक्सप्रेस ने लिखा है कि बहुजन समाजवादी पार्टी की प्रमुख मायावती ने पार्टी में नंबर दो की हैसियत रखने वाले नसीमुद्दीन सिद्दीकी और उनके बेटे को पार्टी से निकाल दिया है.

मायावती ने नसीमुद्दीन सिद्दिकी और उनके बेटे अफ़ज़ल को पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए निकाला है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक बसपा के महासचिव और राज्य सभा सदस्य सतीष चंद्र मिश्र ने कहा है कि सिद्दिकी और उनके बेटे अफ़ज़ल को पार्टी से निकाल दिया गया है. वो कई बूचड़खानों से जुड़े हैं और उनके नाम पर बेनामी संपत्तियां भी हैं. उन्होंने विधानसभा चुनाव के दौरान पैसे भी लिए थे जिससे पार्टी को नुकसान हुआ है.

बसपा को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में 403 में से सिर्फ़ 19 सीटें मिली हैं.

जबकि जनसत्ता ने लिखा है कि नसीमुद्दीन सिद्दिकी ने कहा है कि वो गुरुवार को मायावती का कच्चा चिट्ठा खोलेंगे.

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हिंदुस्तान टाइम्स ने लिखा है कि आम आदमी पार्टी ने कहा है कि अगर वो चुनाव आयोग की ईवीएम मशीन को हैक नहीं कर पाए तो माफ़ी मांगने के लिए तैयार है.

पांच राज्यों में पिछले दिनों हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद ईवीएम में गड़बड़ी का आरोप लगाने वाली आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली विधानसभा में हाल ही में एक डेमो दिया था जिसमें उन्होंने ईवीएम मशीन को हैक करने का दावा किया था.

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चुनाव आयोग ने इस कथित हैकिंग को ख़ारिज किया था और ईवीएम मशीन को हैक करने की चुनौती दी है.

इंडियन एक्सप्रेस ने लिखा है कि सहारनपुर में दलित-राजपूत दंगों को लेकर तनाव को लेकर छपी ख़बर में कहा है कि दलितों के गुस्से के पीछे एक 30 वर्षीय स्थानीय वकील चंद्रशेखर हैं.

चार साल पहले भीम आर्मी भारत एकता मिशन की स्थापना करने वाले चंद्रशेखर का दावा है कि उत्तर प्रदेश समेत चार राज्यों में उसके 40 हज़ार सदस्य हैं.

इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में चंद्रशेखर ने कहा कि राजनीतिक पार्टियों को सभी समुदायों के वोट चाहिए लेकिन कोई दलितों के बारे में चिंतित नहीं है. दलितों को हररोज़ दबाया जा रहा है और वो पुलिस के पास भी नहीं जा सकते क्योंकि वहां भी उनकी आवाज़ कोई नहीं सुनता.

वो कहते हैं कि उनका संगठन गैरराजनीतिक है लेकिन कहीं भी दलितों का शोषण होगा तो वो उनके साथ खड़े होंगे.

सहारनपुर में आगज़नी में भीम आर्मी के कथित सदस्यों के शामिल होने के आरोप लग रहे हैं. हालांकि चंद्रशेखर कहते हैं कि वो इस तरह की घटनाओं की निंदा करते हैं.

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