नए सिल्क रूट में चीन का हमसफ़र बना नेपाल

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चीन के नए सिल्क रूट योजना में नेपाल भी शामिल हो गया है. उसने शुक्रवार को समझौते पर हस्ताक्षर किया.

पूरी दुनिया में अपना पहुंच बढ़ाने के लिए एशिया, यूरोप और अफ़्रीका के 65 देशों को जोड़ने की चीन की परियोजना है, जिसे न्यू सिल्क रोड का नाम दिया गया है.

इसे 'वन बेल्ट, वन रोड इनिशिएटिव' (ओबीओआर) के नाम से भी जाना जाता है. पाकिस्तान पहले ही इस परियोजना में शामिल होने की रज़ामंदी जता चुका है.

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नेपाल के साथ समझौता ऐसे समय हुआ है जब चीन इस परियोजना को लेकर विश्व के 28 देशों के प्रमुखों के साथ बीजिंग में एक बैठक करने जा रहा है.

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चीन करेगा निवेश

इसके दायरे में आने वाले देशों में चीन सड़कों, रेलमार्गों, बंदरगाहों और औद्योगिक क्षेत्रों के निर्माण में भारी निवेश करेगा.

नेपाल के साथ हुए समझौते के बाद चीन की ओर से काठमांडू से तिब्बत के ल्हासा तक रेलवे नेटवर्क समेत कई परियोजनाओं में भारी निवेश करने की संभावना बढ़ गई है.

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'भारत के लिए चिंता'

न्यूयॉर्क की रेटिंग एजेंसी फ़िच ने आगाह किया है कि पहले से ही मंदी से जूझ रहे देश, चीन के भारी भरकम कर्ज के जाल में फंस जाएंगे.

नेपाल की भारत पर काफी निर्भरता रही है लेकिन पिछले दिनों दोनों देशों के बीच तनाव पूर्ण रिश्ते भी रहे हैं.

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