प्रेस रिव्यू: जाधव को मौत की सज़ा सुनाने से पहले ही पाक ने चला था बड़ा दांव

  • 13 मई 2017
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इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक कुलभूषण जाधव मामले में पाकिस्तान बहुत पहले ही इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में पहुँच गया था.

अखबार के मुताबिक सैन्य अदालत के जाधव को मौत की सज़ा सुनाने से 12 दिन पहले ही पाकिस्तान ने हेग स्थित इस अदालत को बता दिया था कि पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में नहीं है.

इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस ने जाधव को पाकिस्तान द्वारा सुनाई गई फांसी की सजा पर रोक लगा दी है. अंतरराष्ट्रीय अदालत ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ को पत्र लिखकर जाधव की फांसी पर रोक लगाने के लिए कहा है.

द हिंदू के मुताबिक इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को अवैध बूचड़खानों पर सुनवाई करते हुए अहम टिप्पणी की है.

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हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने इस मामले में यूपी की योगी सरकार को फटकार लगाते हुए कहा है कि अगर प्रदेश में बूचड़खाने अवैध हैं तो यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह वैध बूचड़खाने बनवाए.

साथ ही 17 जुलाई तक वैध बूचड़खानों के लिए लाइसेंस जारी करने का आदेश भी दिया है.

इंडियन एक्सप्रेस अख़बार ने सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत के कश्मीरियों पर दिए बयान को प्रमुखता से छापा है.

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अख़बार के मुताबिक जनरल रावत ने कहा है कि सेना कश्मीरियों के ख़िलाफ़ नहीं है, बल्कि वो कश्मीरियों को चरमपंथियों से अलग करना चाहती है.

द हिंदू के अनुसार जस्टिस करनन को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है.

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि कलकत्ता हाईकोर्ट के जज सीएस करनन को अवमानना का दोषी ठहराते हुए छह महीने कैद की सजा देने का निर्णय सोच-समझकर लिया गया था.

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