10 साल की रेप पीड़िता को मिली अबॉर्शन की इजाज़त

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हरियाणा के रोहतक में 10 साल की बलात्कार पीड़िता को अबॉर्शन की इजाज़त मिल गई है.

डॉ अशोक चौहान ने बीबीसी को बताया कि गर्भपात 'अब किसी भी समय' किया जा सकता है.

पीड़िता ने कोर्ट से इस संबंध में अपील की थी, इसके बाद कोर्ट ने फैसला पीजीआई, रोहतक के डॉक्टर्स पर छोड़ दिया था.

मंगलवार को पीजीआई रोहतक के डॉक्टरों की टीम ने अबॉर्शन को हरी झंडी दे दी.

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क्या है क़ानून

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भारतीय क़ानून के मुताबिक, 20 हफ़्ते बाद भ्रूण को तभी गिराया जा सकता है, जब डॉक्टर यह सर्टिफिकेट दें कि इससे गर्भवती की जान को ख़तरा नहीं है.

भारत के ख़राब लिंग अनुपात से निपटने के लिए यह क़ानून लाया गया था. हाल के महीनों में सुप्रीम कोर्ट को कई अर्ज़ियां मिली हैं, जिनमें गर्भवती महिलाओं ने 20 हफ़्तों से ज़्यादा के भ्रूण को गिराने की इजाज़त मांगी है.

इनमें कुछ बलात्कार पीड़िता भी हैं.

अदालत हमेशा इस मामले को मेडिकल जानकारों पर छोड़ देती है. ताज़ा केस में बच्ची के परिवार ने गर्भपात की इज़ाजत मांगी तो इस पर विचार करने के लिए पीजीआई रोहतक के डॉक्टरों की टीम गठित की गई.

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ये मामला तब सामने आया था जब लड़की की मां को शक हुआ कि उसकी बेटी गर्भवती है और वो उसे डॉक्टर के पास ले गई. लड़की की मां घरेलू कामगार के तौर पर काम करती है.

ख़बरों के मुताबिक, मां के काम पर चले जाने के बाद अक्सर बच्ची घर पर अकेली रह जाती थी.

बच्ची ने अपनी मां को बताया था कि उसका सौतेला पिता उससे लगातार बलात्कार करता रहा है और किसी को न बताने की धमकी दी है.

रोहतक पुलिस के अधिकारी पंकज नैन ने बीबीसी को बताया कि बच्ची की मां ने पुलिस में शिकायत की थी, जिसके बाद अभियुक्त को गिरफ़्तार कर लिया गया.

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