'जाधव को सज़ा पाक संविधान के मुताबिक ही'

  • 20 मई 2017
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पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक वहां के गृह मंत्री चौधरी निसार अली ने शनिवार को कहा है कि भारतीय नौ सेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव को 'जासूसी' के मामले में पाकिस्तान के संविधान के अनुसार ही सज़ा दी जाएगी.

पाकिस्तानी गृह मंत्री का यह बयान तब आया है जब अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ने कुलभूषण जाधव की फांसी पर रोक लगा दी है.

'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' के मुताबिक निसार अली ने कहा, ''जाधव को पाकिस्तान के संविधान के मुताबिक सज़ा दी गई है. उन्हें पाकिस्तान से गिरफ़्तार किया गया था और वह पाकिस्तान विरोधी गतिविधियों में शामिल थे.''

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Image caption पाकिस्तान के गृह मंत्री चौधरी निसार अली

निसार अली ने कहा कि पाकिस्तान के लोगों को आश्वस्त रहना चाहिए कि जाधव को पाकिस्तान के क़ानून के मुताबिक ही सज़ा मिलेगी.

दूसरी तरफ भारत के सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कण्डेय काटजू ने कहा है कि भारत ने कुलभूषण जाधव के मामले में अंतरराष्ट्रीय अदालत जाकर गंभीर ग़लती की है.

इस पर काटजू ने अपनी फ़ेसबुक पोस्ट में लिखा है, ''लोग अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में जाधव मामले में भारत की जीत का जश्न मना रहे हैं, पर मेरी निजी राय है कि भारत ने यहां जाकर बड़ी ग़लती की है. हम पाकिस्तान के हाथों में खेल गए. इसके साथ ही हमने पाकिस्तान को कई मुद्दों पर वहां जाने का रास्ता खोल दिया.''

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काटजू ने कहा, ''यहां तक कि पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय कोर्ट के अधिकार क्षेत्र पर गंभीरता से आपत्ति भी नहीं जताई. अब यह तय है कि पाकिस्तान कश्मीर विवाद को भी अंतरराष्ट्रीय कोर्ट लेकर जाएगा. ऐसे में भारत किस मुंह से कहेगा कि यह अंतरराष्ट्रीय कोर्ट के अधिकार क्षेत्र से बाहर का है. हम दोनो बातें एक साथ नहीं कह सकते हैं.''

काटजू ने कहा, ''हमलोगों के अंतरराष्ट्रीय कोर्ट जाने से पाकिस्तान काफ़ी ख़ुश होगा. हमने किसी एक व्यक्ति के लिए ऐसा किया. अब पाकिस्तान हर मामले को वहां उठाएगा. ख़ासकर वह कश्मीर का अंतरराष्ट्रीयकरण करने की कोशिश करेगा जबकि हम इसे हमेशा से द्विपक्षीय मामला कहते रहे हैं.''

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हालांकि सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वक़ील प्रशांत भूषण ने जाधव मामले में भारत सरकार के अंतरराष्ट्रीय कोर्ट जाने के क़दम की प्रशंसा की थी. उन्होंने 10 मई को ट्वीट किया था, ''भारत सरकार का जाधव केस में अंतरराष्ट्रीय कोर्ट जाना प्रशंसनीय है. विवाद के समाधान का यह सभ्य तरीका है.''

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