पाबंदी के बीच हिट 'मेड इन कश्मीर' ऐप

  • 23 मई 2017
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भारत प्रशासित कश्मीर में इन दिनों लोग स्थानीय तौर पर तैयार किए गए ऐप इस्तेमाल कर रहे हैं. ये ऐप फ़ेसबुक, स्नैपचैट, और व्हाट्सएप की तर्ज पर तैयार किए गए हैं.

कश्मीर में बीते महीने फ़ेसबुक और ट्विटर समेत कई सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर पाबंदी लगा दी गई. ये प्रतिबंध अभी जारी हैं.

स्थानीय स्तर पर ऐप सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगने से पहले तैयार हुए थे लेकिन प्रतिबंध के बाद इनके इस्तेमाल में इजाफा देखा जा रहा है. ये ऐप एंड्रॉयड वाले उपकरणों के लिए मुफीद है.

सोशल मीडिया हथियार भी, सिरदर्द भी

स्थानीय तौर पर विकसित किए गए ज्यादातर ऐप मुफ्त हैं और इसकी वजह ये है कि इसे बनाने वाले मुनाफा कमाने की मंशा नहीं रखते हैं.

यहां हम आपको कुछ ऐसे ही सोशल मीडिया ऐप्स से रूबरू करा रहे हैं.

काशबुक

काशबुक ख़ुद को 'कश्मीर का पहला सोशल नेटवर्किंग पोर्टल' कहता है.

बहुत कुछ फेसबुक की तरह लगने वाले इस ऐप पर यूजर्स वीडियो, फोटो और टेक्सट पोस्ट कर सकते हैं. इसकी एक वेबसाइट भी है.

इसमें मार्केटिंग से जुड़े हुए फीचर भी उपलब्ध है जो लोगों को अपने उत्पाद बेचने में मदद करते हैं.

16 साल के ज़ेयान शफीक़ ने इसे साल 2013 में विकसित किया था लेकिन जब सोशल मीडिया और मेसेजिंग एप्स पर पाबंदी लगा दी गई तब इस साल 26 अप्रैल को इसे फिर से लांच किया गया.

शफीक़ ने भारतीय न्यूज़ पोर्टल कैचन्यूज़ को बताया, "आज की तारीख में हमारे ऐप के 1500 से ज्यादा यूजर्स हैं."

उन्होंने यह भी बताया कि इसे लाभ का व्यवसाय बनाने का उनका कोई इरादा नहीं है.

इस ऐप को एंड्रॉयड उपकरण पर इस्तेमाल कर सकते हैं.

कनेक्टकश्मीर

जी हां, ये भी एक ऐप का नाम है जो कि ट्विटर और फेसबुक के हाइब्रिड संस्करण की तरह दिखता है. ये ऐप पिछले साल लांच हुआ था लेकिन सोशल मीडिया पर पाबंदी लगने के बाद इसे विकसित करने वाले डेवलपर्स ने इसकी वेबसाइट भी लांच की है.

इसमें निजी चैट की सुविधा उपलब्ध है और साथ ही साथ फेसबुक की तरह आप इस पर वीडियो, फोटो और टेक्सट डाल सकते हैं.

इसे विकसित करने वाला भी एक सोलह साल का स्थानीय लड़का है जिनका नाम है उस्मान तारीन.

उन्होंने तीन लोगों की मदद से इसे तैयार किया है.

तारीन ने स्थानीय अख़बार 'राइजिंग कश्मीर' को बताया, "सोशल मीडिया पर सरकार की ओर से पाबंदी लगाने के बाद सिर्फ़ 24 घंटों में दस हज़ार से ज्यादा लोगों ने इस ऐप को डाउनलोड किया है."

एंड्रॉयड उपकरणों पर चलने वाला ये ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है.

कश्मीरचैट

एक अन्य लोकप्रिय ऐप कश्मीर चैट मैसेंजर भी है जिसका इस्तेमाल एंड्रॉयड यूजर्स मल्टीमीडिया मैसेज भेजने में करते हैं.

इसमें भेजे जाने वाले मैसेज इंक्रिप्टेड होते हैं जिसकी वजह से कोई तीसरा उन मैसेज को नहीं पढ़ सकता है.

हालांकि ये ऐप पिछले अक्टूबर में रिलीज हुआ था लेकिन सोशल मीडिया पर लगी पाबंदी के बाद इसकी लोकप्रियता में इजाफा हुआ है.

गूगल प्ले स्टोर से कश्मीरचैट को पांच हज़ार बार डाउनलोड किया जा चुका है और इसे कई तरह के उपकरणों में इस्तेमाल किया जा सकता है.

कश्मीरवेब

कश्मीर चैट विकसित करने वाले डेवलपर्स ने ही कश्मीर वेब नाम का एक और ऐप तैयार किया है लेकिन इस ऐप को ज्यादा लोगों ने डाउनलोड नहीं किया.

गूगल प्ले स्टोर पर यह ऐप इस डिसक्लेमर के साथ दिखाई देता है कि, "यह ऐप एंटी-नेशनल मकसद से तैयार नहीं किया गया है."

इसमें वीडियो अपलोड करने वाली सुविधा लगता है कि 'पाबंदी खत्म होने तक' ठप है.

हालांकि इस बीच लगता है कि स्थानीय लोगों के बीच एक लोकप्रिय ऐप 'पाइप' जो कि दस हज़ार बार डाउनलोड हो चुका है, गूगल प्ले स्टोर से हटाया जा चुका है.

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