प्यार.. निकाह.. 'झांसा'..पाकिस्तान से वापसी.. कहानी उज़मा की

  • 27 मई 2017
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Image caption वाघा सीमा पार करने पर भारत की मिट्टी को चूमतीं उज़मा

इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग में शरण लेने के बाद स्वदेश लौटीं उज़मा अहमद का कहना है कि वह पाकिस्तान घूमने गई थीं और वहां ताहिर अली से शादी का सोचा तक नहीं था.

वो ताहिर को अपना पति मानने से भी इनकार कर रही हैं. उज़मा पहले भी ताहिर अली पर बंदूक की नोक पर जबरन शादी करने का आरोप लगा चुकी हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान के ख़ैबर पख्तूनख्वाह के बुनेर में ताहिर के परिवार ने उसके साथ मारपीट की और उसका काफ़ी शोषण किया.

उज़मा के साथ फ़ेसबुक लाइव देखिए यहां.

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कौन हैं उज़मा?

उज़मा भारतीय नागरिक हैं. उनका कहना है कि वो पाकिस्तान गई थीं और उनसे बंदूक की नोंक पर ताहिर नाम के एक शख़्स ने जबरन शादी कर ली.

उज़मा के मुताबिक ताहिर ने शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और जबरन निकाहनामे पर हस्ताक्षर कराया था. हालांकि ताहिर ने इन आरोपों को ग़लत बताया है.

12 मई को उज़मा ने पाकिस्तान की अदालत में भारतीय उच्चायोग की मदद से संपर्क साधा और उन्हें जल्द से जल्द भारत भेजने की गुहार लगाई.

अदालत ने उज़मा को उनके पति से यात्रा दस्तावेज दिलाए जो उन्होंने शादी के बाद अपने कब्जे में ले लिए थे.

उसके बाद पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग ने उज़मा को अपने साथ रखा और फिर वहां क़ानूनी लड़ाई के ज़रिए उज़मा का वापस भारत भेजा गया.

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उज़मा अहमद ने बीबीसी से कहा कि उन्होंने 2007 से 2010 तक मलेशिया में बिज़नेस मैनेजमेंट का कोर्स किया था. इसके बाद वो भारत वापस लौट आईं.

उज़मा को डॉक्टर भी कहा जा रहा है, लेकिन वो कहती हैं कि उन्हें डॉक्टर ना पुकारें. हालांकि वो कहती हैं कि उन्होंने फ़िज़ियोथेरेपी का एक साल का कोर्स किया है ताकि पुरुष डॉक्टरों के पास जाने से कतराने वाली महिलाओं की मदद कर सकें.

उज़मा इस साल की शुरुआत में मलेशिया घूमने गईं जहां उनकी मुलाक़ात ताहिर से हुई, ताहिर ने उन्हें पाकिस्तान आने का न्यौता दिया और कहा कि पाकिस्तान में जहां वो रहते हैं उसे मिनी स्विट्ज़रलैंड कहा जाता है.

उज़मा ने आरोप लगाया कि ताहिर ने पाकिस्तान आने का दबाव बनाया इसलिए वो पाकिस्तान जाने के लिए तैयार हुईं.

हालांकि उज़मा कहती हैं कि वो किसी भी तरह के रिश्ते या शादी के बारे में सोचकर नहीं बल्कि 'मिनी स्विट्ज़रलैंड' देखने के लिए पाकिस्तान गई थीं.

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Image caption उज़मा का आरोप है कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि ताहिर अली पहले से ही शादीशुदा हैं

'वीज़ा में दी गई जानकारी ग़लत'

उज़मा ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि पाकिस्तान में उनका कोई रिश्तेदार नहीं है, लेकिन अपने वीज़ा में उज़मा ने बताया है कि वो अपनी बीमार चाची से मिलने के लिए पाकिस्तान जाना चाहती हैं.

उनके मुताबिक़ वीज़ा के लिए जो फॉर्म उन्होंने भरा था वो पाकिस्तान से आए स्पॉन्सर लेटर के आधार पर भरा गया था.

उज़मा ने बीबीसी को बताया कि ये बिल्कुल ग़लत बात थी क्योंकि उनका पाकिस्तान में कोई नहीं था.

वो बताती हैं कि वीज़ा मिलने के बाद एक मई को वो वाघा बॉर्डर पार करके पाकिस्तान में दाखिल हुईं, जहां उन्हें ताहिर अपने एक कज़न के साथ लेने आए थे.

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उज़मा ने आरोप लगाया कि उन्हें पहाड़ों पर जाने से तबीयत ख़राब न हो इसलिए एक दवा दी गई थी जिससे उन्हें नींद आ गई और फिर उन्होंने ख़ुद को बुनेर में ताहिर के घर पर पाया.

वो कहती हैं कि बुनेर में कभी तालिबान का कब्ज़ा रहा करता था. वहां पर बिजली भी नहीं थी.

उज़मा ने कहा कि उन्होंने बुनेर में छह दिन बिताए, जहां न उन्होंने खाना खाया-पानी पीया और उनके साथ बहुत बुरा बर्ताव किया गया.

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ताहिर के पहले से शादीशुदा होने पर उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि ताहिर की पत्नी और चार बच्चे हैं. उन्होंने कहा कि ताहिर ने बताया था कि पत्नी और बच्चे उनके भाई के थे जिनकी मौत हो चुकी है.

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'लालच देकर भागी'

ताहिर पर ज़बर्दस्ती शादी करने का आरोप लगाने वाली उज़मा का कहना है कि वहां से बाहर निकलने के लिए उन्हें नर्म रुख़ अपनाना ज़रूरी था.

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Image caption मोहम्मद ताहिर ने दावा किया कि डॉक्टर उज़मा से तीन मई को ख़ैबर पख़्तूनख़्वा प्रांत में उनकी शादी की थी

उन्होंने बताया, ''मैंने पांच-छह दिनों में देखा कि ताहिर और उनका परिवार लालची है. मैंने उन्हें लालच देने की कोशिश की. कई बार इस्लामाबाद में भारतीय दूतावास पर ले जाने के लिए मैंने उन लोगों से कहा. लेकिन फिर मैंने लालच देने की कोशिश की.''

मैंने कहा कि शादी हो गई है, अब इस्लामाबाद में भारतीय दूतावास में मेरे भाई के पास चलो वो शगुन देंगे जो एक से डेढ़ लाख रुपए होगा. तब वो मुझे इस्लामाबाद ले गए.''

इस्लामाबाद में भारतीय दूतावास में उज़मा ने मदद की गुहार लगाई और कई दिनों तक वहां शरण लेने के बाद वो वाघा बॉर्डन के रास्ते भारत लौटीं.

जबकि पाकिस्तान के ताहिर अली ने आरोप लगाया था कि शादी के बाद वो भारत का वीज़ा लगवाने इस्लामाबाद गए थे लेकिन उनकी पत्नी को इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों ने अग़वा कर लिया.

ताहिर ने इस बारे में पुलिस को शिकायत भी की थी.

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