शादी का प्रस्ताव ठुकराए जाने के बाद चरमपंथी बने थे सबज़ार!

  • 28 मई 2017
इमेज कॉपीरइट FACEBOOK
Image caption सबज़ार अहमद बट

भारत प्रशासित कश्मीर में शनिवार को सेना के साथ मुठभेड़ में मारे गए हिज़्बुल मुजाहिदीन के शीर्ष कमांडर सबज़ार अहमद बट को लेकर तरह-तरह की ख़बरें आ रही हैं और ट्विटर पर Burhan Wani, #SabzarBhat और #ITurnedTerroist ट्रेंड कर रहे हैं, जबकि फ़ेसबुक पर Hizbul Mujahideen टॉप ट्रेंड में शामिल है.

शनिवार को कश्मीर घाटी के त्राल में सुरक्षा बलों के साथ गोलीबारी में दो चरमपंथियों समेत तीन लोगों को मौत हो गई थी.

पुलिस ने मारे गए चरमपंथियों की पहचान हिज़्बुल मुजाहिदीन कमांडर सबज़ार अहमद बट और फ़ैज़ान मुज़फ़्फ़र के रूप में की है.

सबज़ार बुरहान वानी के ख़ासे क़रीबी माने जाते थे. साल 2016 में बुरहान वानी की मौत के बाद उन्होंने इस चरमपंथी संगठन में उनकी जगह ली थी.

सबज़ार के मारे जाने की ख़बर दिल्ली से छपने वाले लगभग सभी अख़बारों के पहले पन्ने पर है और उनके बचपन से लेकर कॉलेज की पढ़ाई और चरमपंथी बनने की बातें अलग-अलग स्रोतों से छापी गई हैं.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी ख़बर के मुताबिक सबज़ार एक लड़की से प्‍यार करते थे, लेकिन उसके परिवार वालों ने सबज़ार के साथ उसकी शादी करने से इनकार कर दिया. इसके बाद सबज़ार उस लड़की से अपना रिश्ता खत्म कर आतंकवाद की दुनिया में आ गए.

कश्मीर: मुठभेड़ में मारा गया बुरहान का साथी सबज़ार

इस ख़बर के बाद सोशल मीडिया पर #ITurnedTerroist ट्रेंड करने लगा.

@Madan_Chikna हैंडल से ट्वीट किया गया, "मैं चरमपंथी इसलिए बना क्योंकि मेरी पत्नी और मां हमेशा मेरे लिए लड़ते थे. कभी-कभी मैं खुद को कश्मीर की तरह महसूस करता हूँ."

इमेज कॉपीरइट Twitter

कार्तिक अय्यर ने फ़ेसबुक पोस्ट में लिखा, "मीडिया ख़बरों में कहा जा रहा है कि सबज़ार अहमद प्रेम में नाकाम रहने पर आतंकवादी बना. अब दुनिया की आधी आबादी आतंकवादी बन सकती है."

राजेश सिंह ने अपनी फ़ेसबुक पोस्ट में लिखा, "इश्क़ ने आतंकी बना दिया ज़ालिम, वरना हम भी आदमी काम के थे."

ये भी कहा जा रहा है कि बुरहान वानी के बचपन के दोस्‍त सबज़ार हिज़्बुल मुजाहिदीन के लिए तब काफी अहम हो गए थे जब वह एक सैन्य अधिकारी की राइफ़ल को छीनकर भाग गए थे.

पाकिस्तान ने की निंदा

समाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक़ शीर्ष हिज़्बुल कमांडर सबज़ार अहमद और अन्य चरमपंथियों के जम्मू-कश्मीर में मारे जाने की पाकिस्तान ने निंदा की है.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

पाकिस्तान ने इस मामले में संयुक्त राष्ट्र और दूसरे वैश्विक मानवाधिकार संगठनों से हस्तक्षेप करने की अपील की है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने इससे पहले संयुक्त राष्ट्र में अपने संबोधन में बुरहान वानी को कश्मीरी युवाओं की आवाज़ बताया था.

पाकिस्तान में विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अज़ीज़ ने सबज़ार अहमद की हत्या को न्यायविरोधी और राज्य प्रायोजित हिंसा बताया है.

इस ऑपरेशन में एक आम नागरिक की भी मौत हुई है, जिनकी पहचान मौलवी आक़िब अहमद के रूप में हुई है.

कश्मीर में झड़पें, दर्जनों घायल

इस बीच, सबज़ार की मौत के बाद शनिवार को त्राल समेत कश्मीर में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन और सुरक्षा बलों से झड़प होने की ख़बरें हैं, जिनमें दर्जनों लोग घायल बताए जा रहे हैं.

त्राल से 42 किलोमीटर दूर श्रीनगर में कर्फ़्यू जैसी पाबंदियां लगा दी गई हैं.

अलगाववादी संगठन हुर्रियत ने दो दिनों का बंद बुलाया है.

इमेज कॉपीरइट FACEBOOK
Image caption सबज़ार

सबज़ार त्राल के रथसुना इलाक़े के रहने वाले बताए जा रहे हैं. वह एक निम्न मध्यम वर्ग परिवार से थे. ज़्यादा पढ़ाई-लिखाई भी नहीं की थी.

पढ़ें: बुरहान वानी, जिसकी मौत के बाद उबला कश्मीर

6 साल पहले हिज़्बुल से जु़ड़े सबज़ार

सबज़ार 6 साल पहले हिज़्बुल मुजाहिदीन से जुड़े थे. बुरहान की मौत के बाद उनका क़द बढ़ गया था और भारतीय सुरक्षा बलों के लिए वह हिज़्बुल के मोस्ट वॉन्टेड कमांडर हो गए थे.

ख़बरों के मुताबिक़, 6 साल पहले सबज़ार ने त्राल में सीआरपीएफ़ के एक जवान से राइफ़ल छीनी थी, जिसके बाद वह चरमपंथी संगठन की नज़र में आए और हिज़्बुल से जुड़ गए.

इमेज कॉपीरइट YOUTUBE
Image caption बुरहान वानी (बाएं) के साथ सबज़ार

2015 में बुरहान वानी का अपने चरमपंथी सहयोगियों के साथ जो वीडियो सामने आया था, उसमें सबज़ार भी दिख रहे थे.

पढ़ें: बुरहान के समर्थन में इतनी भीड़ क्यों?

पिछले साल 8 जुलाई को बुरहान वानी सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए थे. इसके बाद घाटी में महीनों तक हिंसा और अशांति का माहौल रहा था. आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि सुरक्षाबल 2016 जैसे हालात न बनें, इन्हीं कोशिशों में जुटे हुए हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे