कौन हैं सरेआम बछड़ा काटने वाले केरल यूथ कांग्रेस के नेता?

  • 29 मई 2017
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Image caption रिजिल मक्कुट्टी

केरल में एक बछड़े के सरेआम कत्ल पर कांग्रेस बचाव की मुद्रा में आ गई है.

कुछ ही दिन पहले भारत सरकार ने पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम की एक धारा में बदलाव किया.

इसके बाद जिन मवेशियों की मवेशी बाज़ार से ख़रीद होती है उनको मारा नहीं जा सकता है. इस नियम का दक्षिण भारत में विरोध हो रहा है.

लेकिन केरल में इस घटना को अंजाम देने वाले केरल यूथ कांग्रेस के ये नेता आख़िर हैं कौन?

रिजिल मक्कुट्टी उत्तरी केरल के कन्नूर जिले से हैं. उन्हें कांग्रेस का एक 'उभरता सितारा' बताया जाता है जिसका करियर अचानक डूबता हुआ सा लग रहा है.

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रिजिल मक्कुट्टी के एक क़रीबी सहयोगी ने पहचान गुप्त रखने की शर्त पर उनके बारे में बीबीसी को जानकारी दी है.

राहुल के साथ तस्वीरें

रिजिल मक्कुट्टी पार्टी के फुल टाइम कार्यकर्ता हैं और कन्नूर संसदीय क्षेत्र के यूथ कांग्रेस अध्यक्ष रहे हैं.

वह कन्नूर से सांसद रहे के सुधाकरन के ख़ास फॉलोअर हैं और उनके फ़ेसबुक अकाउंट पर राहुल गांधी के साथ उनकी तस्वीरें भी हैं.

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Image caption राहुल गांधी के साथ रिजिल

'टिकट मिल सकता था'

उनके एक सहयोगी ने पहचान न ज़ाहिर करने की शर्त पर कहा, 'अगले विधानसभा चुनाव में उन्हें थालाशेरी से पार्टी का टिकट मिल सकता था.'

रिजिल से संपर्क करने की कई कोशिशें की गईं, लेकिन वह प्रतिक्रिया के लिए उपलब्ध नहीं हो पाए.

लेकिन अपने निलंबन के बाद उन्होंने फ़ेसबुक पर लिखा- 'संघ परिवार से लड़ाई जारी रहेगी.'

हैरान करने वाले इस वीडियो के सामने आने के बाद कांग्रेस हाईकमान उन्हें निलंबित करने पर मजबूर हो गई थी.

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केरल में आम है गोमांस खाना

केरल में गोमांस और भैंस का मांस छोटी-छोटी दुकानों में भी आसानी से उपलब्ध है और इसे सभी समुदाय के लोग खाते हैं.

पूरे प्रदेश की आबादी में मुसलमान और ईसाई मिलकर 45 फ़ीसदी हैं.

पूर्वोत्तर राज्यों के साथ केरल भी उन प्रदेशों में शामिल था, जहां भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव से पहले बीफ़ बैन न करने की बात कही थी.

लोकसभा चुनावों में एक बीजेपी प्रत्याशी ने जीतने पर ताज़ा और सस्ता बीफ़ उपलब्ध कराने का वादा किया था.

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बीफ़ के कारोबार पर पड़ता असर

मोदी सरकार के मवेशियों के व्यापार संबंधी हालिया नोटिफ़िकेशन पर कांग्रेस के देशव्यापी विरोध प्रदर्शन को इस घटना के बाद करारा झटका लगा है.

इस घटना की अजीब बात यह रही कि यह शनिवार को अंजाम दी गई.

रविवार शाम केरल बीजेपी के अध्यक्ष कुम्मनम राजशेखरन के वीडियो ट्विटर पर डालने तक किसी ने इसका ख़ास नोटिस नहीं लिया था.

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Image caption बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष कुम्मनम राजशेखरन ने ट्वीट किया था वीडियो

जारी रहेंगे विरोध प्रदर्शन: कांग्रेस

वीडियो में रिजिल कह रहे हैं, 'बीजेपी सरकार का फ़ैसला एक बड़ी आबादी पर अत्याचार है. इसका विरोध करते हुए हम सबके सामने जानवर काटेंगे और इसका मांस लोगों में बांटेंगे.'

इसके बाद रिजिल और बाकी लोगों ने 'यूथ कांग्रेस ज़िंदाबाद' और 'नरेंद्र मोदी, तुम बीफ़ बैन नहीं कर सकते' के नारे लगाए और फिर एक बछड़े का गला चीर दिया.

केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एमएम हसन ने बीबीसी हिंदी को बताया, 'कन्नूर में जो हुआ, वह कांग्रेस की संस्कृति के ख़िलाफ़ है. हमने उन्हें और बाक़ी सदस्यों को सस्पेंड कर दिया है और उनके ख़िलाफ़ जांच करवा रहे हैं.'

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एमएम हसन का कहना है कि केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन के ख़िलाफ़ पार्टी प्रदर्शन करती रहेगी.

उन्होंने कहा, 'हम प्रदेश सरकार से कह रहे हैं कि वह केंद्र के इस नियम को लागू न करे और एक ऐसा अधिनियम लाए जो इस क़ानून को बायपास करता हो.'

केरल में इसका राजनीतिक असर?

तिरुवनंतपुरम में 'द हिंदू' अख़बार के एसोसिएट एडिटर सी गौरीदासन नायर कहते हैं, 'सबसे पहले, यह कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए एक चेतावनी है. यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की इस हरक़त से पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा झटका लगा है.'

हालांकि वो यह भी कहते हैं, 'जहां तक केरल की बात है तो प्रदेश की राजनीति पर इसका ज़्यादा असर नहीं होगा. हां, आज केरल थोड़ा नाराज़ है, लेकिन आज नहीं तो कल यह इससे आगे बढ़ जाएगा. अगर रिजिल भी हिसाब-किताब हो जाने के बाद वापस आ जाएं तो हैरत नहीं होनी चाहिए. पार्टी उनके जैसे कार्यकर्ता का जाना नहीं सह सकती है.'

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