वो जिन पर चलेगा बाबरी केस में मुकदमा

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बाबरी मस्जिद गिराए जाने के मामले में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती की मंगलवार को लखनऊ की विशेष अदालत में पेशी है.

बाबरी मस्जिद गिराए जाने के मामले में इन तीनों नेताओं पर आरोप तय हो सकते हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने 19 अप्रैल को 13 लोगों पर आपराधिक साजिश का मुकदमा चलाने का आदेश दिया था.

आइए जानते हैं उन लोगों के बारे जिन पर शुरू में आपराधिक साज़िश के आरोप लगे थे.

इनमें से कुछ की मौत हो चुकी है और उन पर मुकदमा नहीं चलेगा.

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लालकृष्ण आडवाणी: भारतीय जनता पार्टी के संस्थापकों में शामिल लालकृष्ण आडवाणी ने 1991 में गुजरात के सोमनाथ मंदिर से एक रथयात्रा निकाली थी.

इसके बाद से राम मंदिर को लेकर आंदोलन गरमा गया था.

अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में बनी सरकार में लालकृष्ण आडवाणी को गृहमंत्री बनाया गया था.

मुरली मनोहर जोशी: अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में मानव संसाधन विकास मंत्री रह चुके हैं.

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उमा भारती: मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती पर भी बाबरी मस्जिद गिराने की आपराधिक साजिश का मुकदमा चलेगा.

उमा भारती इस समय नरेंद्र मोदी की सरकार में केंद्रीय मंत्री हैं.

कल्याण सिंह: अयोध्या में छह दिसंबर 1992 को जब बाबरी मस्जिद गिराई गई, उस समय उत्तर प्रदेश में कल्याण सिंह के नेतृत्व में भाजपा की सरकार थी.

कल्याण सिंह इस समय राजस्थान के राज्यपाल हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने यह साफ किया है कि राज्यपाल रहते हुए उनपर कोई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा.

बाल ठाकरे: उग्र हिंदूवादी राजनीतिक दल शिव सेना के संस्थापक बाल ठाकरे का नाम भी इस सूची में शामिल है.

ठाकरे का 17 नवंबर 2012 को निधन हो गया था. इस वजह से अब उनका नाम इस सूची से हटा लिया जाएगा.

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विनय कटियार: भाजपा के फायरब्रांड नेता विनय कटियार उत्तर प्रदेश के फ़ैजाबाद से आते हैं.

इस समय वो राज्यसभा के सदस्य हैं.

अशोक सिंघल: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संगठन विश्व हिंदू परिषद का रामजन्मभूमि के लिए चलाए गए आंदोलन में महत्वपूर्ण रोल था.

सिंघल का 17 नवंबर 2015 को निधन हो गया था. इस वजह से उनपर मुकदमा नहीं चलेगा.

महंत अवैद्यनाथ: गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर के पूर्व महंत अवैद्यनाथ रामजन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख नेता थे.

वो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के गुरु थे. उनका 13 सितंबर 2014 को निधन हो गया. इस वजह से उन पर भी अब मुकदमा नहीं चलेगा.

गिरिराज किशोर: अयोध्या में राम मंदिर निर्माण आंदोलन में शामिल रहे गिरिराज किशोर का 14 जुलाई 2014 को निधन हो गया था.

वो विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेता थे. उनका नाम इस सूची से हटा लिया जाएगा.

महंत नृत्यगोपाल दास: ये इस समय रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष हैं.

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इसके अलावा जिन लोगों पर आपराधिक साजिश का मुकदमा चलाया जाएगा उनमें साध्वी ऋतंभरा, आरएसएस नेता चंपत राय, भाजपा नेता सतीश प्रधान, महामंडलेश्वर जगदीश गुप्त, सीआर बंसल, भाजपा के पूर्व सांसद रामविलास वेदांती, बैकुंठलाल शर्मा और डॉक्टर सतीश कुमार नागर के नाम शामिल हैं.

महंत रामचंद्रदास, मोरेश्वर साबे, परमहंस रामचंद्रदास का निधन हो चुका है.

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