गाय राष्ट्रीय पशु घोषित होः राजस्थान हाईकोर्ट

  • 31 मई 2017
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राजस्थान हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए गाय को 'राष्ट्रीय पशु' घोषित करने की सिफ़ारिश की है और राज्य सरकार से इसके कदम उठाने को कहा है.

जयपुर की चर्चित हिंगोनिया गोशाला को लेकर दायर एक याचिका की सुनवाई के दौरान जस्टिस महेश चंद्र शर्मा ने 'गोहत्या के लिए आजीवन कारावास का प्रावधान' किए जाने की भी सिफ़ारिश की है.

उन्होंने राज्य के महाधिवक्ता और मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि वो केंद्र सरकार से तालमेल स्थापित करें और गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने कि लिए ज़रूरी क़दम उठाएं.

हिंगोनिया वही गोशाला है जहां खराब रख रखाव के कारण सैकड़ों गाएं मर गई थीं, जिसके बाद काफी विवाद पैदा हुआ था.

जस्टिस शर्मा बुधवार को ही रिटायर हो रहे हैं और इस मामले की सुनवाई करते हुए उन्होंने गोशाला का दौरा भी किया था.

गाय से संबंधित कई विवाद

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हिंगोनिया गोशाला में अनियमितता और अव्यवस्था को लेकर याचिकाकर्ता पूनमचंद्र भंडारी ने 2010 में एक जनहित याचिका दायर की थी.

ये आदेश ऐसे समय में आया है जब मवेशियों की ख़रीद फ़रोख़्त से संबंधित केंद्र सरकार ने नए नियम बनाए हैं जिनका देश के कई हिस्सों में विरोध हो रहा है.

मंगलवार को आईआईटी मद्रास में छात्रों ने इसके खिलाफ़ बीफ़ पार्टी का आयोजन किया था, जिसके बाद इसका आयोजन करवाने वाले छात्र की पिटाई की गई थी.

बुधवार को चेन्नई में डीएमके और अन्य संगठन इसके ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. केरल के मुख्यमंत्री इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री और अन्य मुख्यमंत्रियों को पत्र लिख चुके हैं.

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नए नियमों के अनुसार, क़त्ल के लिए पशु बाज़ार में पशुओं की ख़रीद बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का नियम बनाया गया है.

पश्चिम बंगाल और केरल के मुख्यमंत्रियों ने इस नियम का ये कहते हुए विरोध किया है कि ये संविधान के संघीय ढांचे का उल्लंघन है और राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप है.

इस बीच मद्रास हाईकोर्ट ने मंगलवार को केंद्र की अधिसूचना पर रोक लगा दी है और चार हफ्ते में केंद्र से जवाब मांगा है.

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