यूपी पुलिस को किस सेवा के लिए मिला 'स्मार्ट पुलिस अवॉर्ड'?

  • 1 जून 2017
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शायद आपको ये जान कर हैरानी होगी कि क़ानून व्यवस्था के लिए लगातार आलोचना का सामना करती रही उत्तर प्रदेश पुलिस ने ऐसा क्या कर दिया कि उसे पुरस्कृत किया गया है.

यूपी में चुनाव से पहले अखिलेश सरकार के समय महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के मामलों में पुलिस फ़ोर्स की आलोचना होती रही और तत्कालीन मुख्यमंत्री और आला अधिकारियों को बार-बार सफ़ाई देनी पड़ी थी.

पिछले कुछ महीनों से योगी आदित्यनाथ की सरकार के कार्यकाल में रोमियो स्कवॉड और तथाकथित गोरक्षकों की हरकतों के कारण यूपी पुलिस की आलोचना हुई है.

लेकिन उत्तरप्रदेश पुलिस को जो अवॉर्ड अब दिया गया है, वो है उसकी ट्विटर सेवा 'यूपी 100' के लिए और इसका नाम है 'स्मार्ट पुलिस पुरस्कार'.

यूपी पुलिस का ट्विटर हैंडल @Uppolice है और इसके आला अधिकारियों के अलग-अलग ट्विटर हैंडल है.

गुरूवार को भारत के जाने-माने व्यापार संगठन 'फ़िक्की' ने यह पुरस्कार उत्तर प्रदेश पुलिस को दिया है.

उत्तरप्रदेश पुलिस के डीजी सुलखान सिंह ने ट्वीट के ज़रिए इसकी सूचना दी है.

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यूपी पुलिस के सूचना अधिकारी राहुल श्रीवास्तव ने सोशल मीडिया पर कहा, "यूपी पुलिस एक महीने में चार अवॉर्ड जीत चुकी है. हम ट्विटर के ज़रिए लोगों की सेवा कर रहे हैं. इस बार फ़िक्की ने यूपी पुलिस को तीन पुरस्कार दिए हैं, बेहतरीन और स्मार्ट पुलिस व्यवस्था के लिए."

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राहुल श्रीवास्तव ने ट्वीट किया है, "पुरस्कार देने के साथ ही फ़िक्की ने वादा किया कि वो आधुनिकीकरण में यूपी पुलिस की मदद करेंगे."

उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने भी यूपी पुलिस को ट्वीट के ज़रिए बधाई दी है.

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लोगों ने की शिकायतें...

सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने जहां सुलखान सिंह और सीएम आदित्यनाथ योगी को बधाई दी है वहीं कई लोगों ने यूपी पुलिस की ट्विटर सेवा से जुड़ी शिकायतें ट्वीट की हैं.

कुछ लोगों ने यूपी में बढ़ते क्राइम का आरोप लगाते हुए राज्य के क्राइम संबंधी आकड़े भी सोशल मीडिया पर शेयर किए हैं.

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इस पुरस्कार की आलोचना करते हुए @SushilK78 हैंडल से सुशील कुमार ने ट्वीट किया, "यूपी पुलिस ट्विटर पर शिकायतों के नोट्स बनाती रहती है. लेकिन इस पर कोई कार्रवाई तो की नहीं जाती."

वहीं @darshan_sawe ट्विटर हैंडल से दर्शन ने लिखा, "इस पुरस्कार के बारे में सुनकर हंसी आती है. क्या यह सहारनपुर, रामपुर, दादरी कांड समेत तमाम गोरक्षकों की हिंसक वारदातों का पुरस्कार है."

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