'हम फेल नहीं, बिहार बोर्ड का गणित है कमज़ोर'

  • 2 जून 2017
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Image caption आयुष कुमार

वो बार-बार भरी आंखों से अपने मिलने-जुलने वालों से पूछता है," मेरा रिजल्ट तो क्लीयर हो जाएगा ना."

ये भरी आंखों वाला लड़का 17 साल का आयुष है जिसका सपना इंजीनियर बनना है. वो जमुई ज़िले के एसके कॉलेज का छात्र है. इस बार जब आईआईटी मेन्स में उसे 95 नंबर आए तो उसके सपनों को पंख लग गए.

लेकिन अब जब बिहार बोर्ड का बारहवीं का रिजल्ट हाथ में है तो दिल नाउम्मीद है और दिमाग़ उलझनों से भरा.

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आयुष फिजिक्स और कैमिस्ट्री में फेल हो गया है. मैंने जब उससे बात की तो उन्होंने मुझसे भी यही सवाल दोहराया, "मैं पास हो जाऊंगा ना दीदी? बस मुझे पास कर दे बोर्ड. अगर पास भी न हुआ तो मेन्स पास करना भी बेकार जाएगा."

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आयुष को फिजिक्स की थ्योरी में 11 नंबर मिले है और कैमिस्ट्री में 17 नंबर.

आयुष के पिता अवधेश चौधरी साधारण किसान हैं.

आयुष बताते हैं, "पिता पैसे जुटा कर पढ़ाई करवाए. हम चार भाई-बहन हैं. दो भाई, दो बहन. मैं सबसे बड़ा हूं, लेकिन घर का सुनहरा भविष्य बनने से पहले ही उस पर ग्रहण सा लगता दिख रहा है."

उलझन में फंसे हैं छात्र

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आयुष जैसी उलझन में बिहार बोर्ड के कई छात्रों के साथ है इन दिनों.

बिहार बोर्ड के बारहवीं के रिजल्ट में इंटर संकाय की बात करें तो कुल 6,46,231 छात्रों में से महज 1,96,952 बच्चे ही पास हुए है. फिजिक्स में सबसे ज्यादा 1,18,002 बच्चे फेल हुए तो कैमिस्ट्री में 65,167 और गणित में 1,09,63 बच्चे फेल हुए है.

सिवान के अनिमेष को भी आईआईटी की मेन्स में 77 नंबर मिले है. वो पटना में बोरिंग रोड स्थित कोचिंग करते थे. इंटर की परीक्षा उन्होंने एस जी इंटर कॉलेज हुस्सेपुर से दी है. बिहार बोर्ड की परीक्षा में उन्हें फिजिक्स की थ्योरी में 4 और कैमिस्ट्री की थ्योरी में 17 नंबर मिले हैं.

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Image caption अनिमेश

अनिमेश बात करते वक़्त ख़ुद पर हंसते हैं और बताते हैं, "सब पूछते हैं कि आईआईटी क्वालिफाई कर गए और इंटर में फेल हो गए. उनको क्या जवाब दे? शिक्षा मंत्री और अध्यक्ष कहते हैं कि सब ठीक है लेकिन कॉपियां ही ठीक से चेक नहीं करवाई गई है."

बोर्ड का कमज़ोर गणित

जहां फेल छात्र परेशान है वहीं ऐसे छात्रों की तादाद भी कम नहीं जिनकी मार्क्सशीट देखकर लग रहा है कि बोर्ड का अपना गणित ही कमजोर है.

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पटना के एएन कॉलेज के छात्र बिपिन कुमार की मार्क्सशीट यही कहानी कहती है.

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Image caption बारहवीं के नतीजे से नाराज छात्र सड़कों पर उतर आए हैं और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

बिपिन को आईआईटी मेन्स में 109 नंबर मिले है लेकिन वो इंटर में सेंकेंड डिवीजन से पास हुए है.

बिपिन की मार्क्सशीट में आए नंबर का टोटल लिखा गया है 289 जबकि सभी विषयों के अंक जोड़ने पर ये 319 आता है.

बिपिन कहते हैं, "कैसी गड़बड़ियां है आप देखिए. स्टूडेन्ट पढ़ाई क्या करेगा बस अपनी लड़ाई लड़ता रहेगा."

बिहार बोर्ड ने ऐसे छात्रों के लिए जिन्होंने कोई प्रतियोगी परीक्षा पास की है उनके लिए स्पेशल कांउटर खोला है.

बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर के मुताबिक, "छात्रों की दिक्कत को देखते हुए हमने बोर्ड ऑफिस में ही स्पेशल कांउटर खोला है. उनका रिजल्ट जल्द निकाला जाएगा और बोर्ड ऑफिस में ही टीचरों की एक स्पेशल टीम रहेगी जो उनकी कॉपी की जांच करेगी. मकसद है कि रिजल्ट जल्द से जल्द हम क्लीयर कर दें."

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