सहारनपुर हिंसा का 'मास्टरमाइंड' गिरफ़्तार, शहर में इंटरनेट सेवाएं बहाल

  • 4 जून 2017
बीबीसी
Image caption शब्बीरपुर के दलित इलाक़ों में अब भी है पुलिस का पहरा

सहारनपुर के शब्बीरपुर गांव में पिछले दिनों हुई हिंसक घटनाओं के कथित मुख्य मास्टरमाइंड को पुलिस ने गिरफ़्तार करने का दावा किया है.

सहारनपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बब्लू कुमार ने बीबीसी को बताया है कि शब्बीरपुर के ग्राम प्रधान शिव कुमार, गांव में भड़की जातीय हिंसा के मुख्य अभियुक्त और प्रमुख सूत्रधार हैं.

उन्होंने बताया है कि शिव कुमार पिछले कई दिनों से फ़रार चल रहे थे, लेकिन रविवार को उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया.

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एसएसपी ने बताया है कि ग्राम प्रधान शिव कुमार के ऊपर गत 5 मई को शब्बीरपुर गांव में महाराणा प्रताप जयन्ती शोभायात्रा के संबंध में डीजे बजाकर निकल रहे क्षत्रिय समाज के लोगों के ख़िलाफ़ गांव के दलितों को भड़काने, पथराव करने और अशांति का माहौल बनाने का आरोप था.

उनके ख़िलाफ़ हत्या का एक मुक़दमा भी दर्ज किया गया है.

एसएसपी ने बताया है कि ग्राम प्रधान ने ही अपने घर पर दलितों को इकट्ठा किया था और बाद में इन्हीं लोगों ने जुलूस पर पथराव किया.

इस मामले में तीन अन्य लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

Image caption भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आज़ाद

इसके अलावा नौ मई को शहर के बाहर रामनगर गांव के पास हुई हिंसा के मामले में प्रमुख अभियुक्त और चर्चित भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद 'रावण' और उनके तीन साथियों कमल वालिया, विनय रतन और मंजीत की गिरफ़्तारी पर 12 हजार रुपये के इनाम की घोषणा भी की है.

सहारनपुर में गत पांच मई को महाराणा प्रताप जयन्ती पर शोभा यात्रा निकाले जाने के दौरान शब्बीरपुर गांव में दो पक्षों के बीच विवाद हो गया था.

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Image caption मायावती भी पहुंची थीं शब्बीरपुर गांव

इस दौरान हुए पथराव, फायरिंग और आगजनी में एक युवक की मौत हो गई थी. इसमें कई लोग घायल भी हुए थे.

मृत युवक के पिता ने ग्राम प्रधान सहित कई अन्य लोगों के ख़िलाफ़ रिपोर्ट दर्ज कराई थी.

घटना के बाद से ही पूरे इलाक़े में ठाकुरों और दलितों के बीच तनाव बना हुआ है. प्रमुख घटनाओं के बाद कई बार हिंसक वारदातें भी हो चुकी हैं.

विपक्षी दलों ने इस घटना को लेकर सरकार को सड़क से लेकर विधानसभा तक घेरा, जिसकी वजह से ज़िले के आला अधिकारियों को निलंबित भी कर दिया गया.

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जात-पात की लड़ाई के बाद सहारनपुर में अब कैसे हैं हालात?

इस बीच पिछले क़रीब दस दिन से बंद इंटरनेट सेवाएं भी शुरू कर दी गई हैं.

एसएसपी ने बताया है कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट्स पर निगरानी रखी जा रही है और ऐसा करने वालों के ख़िलाफ़ तत्काल कार्रवाई की जाएगी.

बताया जा रहा है कि भीम आर्मी के सदस्यों के बीच सोशल मीडिया के ज़रिए ही सूचनाएं पहुंचाई जाती हैं.

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क्यों भड़की सहारनपुर में हिंसा

आरोप हैं कि कुछ लोगों ने तमाम तरह की कथित भड़काऊ सामग्री भी सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित की, जिसने हिंसा को भड़काने में मुख्य भूमिका अदा की.

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