मध्यप्रदेश: किसान आंदोलन हिंसक होने के बाद पुलिस फ़ायरिंग में 6 किसानों की मौत

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Image caption प्रदर्शनकारी किसान (फ़ाइल फोटो)

मध्यप्रदेश के मंदसौर में मंगलवार को किसानों का आंदोलन उग्र होने के बाद पुलिस की फ़ायरिंग में कम से कम 5 किसानों समेत 6 लोगों की मौत हो गई है.

इसके साथ ही चार अन्य किसान घायल भी हुए हैं.

सरकार ने मंदसौर, रतलाम और उज्जैन में इंटरनेट सेवा बंद कर दी है. आंदोलनकारियों के सोशल मीडिया के जरिए लामबंद होने की खबरें भी आ रही हैं.

हिंसक कैसे हुआ आंदोलन?

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किसानों ने आंदोलन के दौरान रेलवे फाटक तोड़ दिया. इसके बाद गुस्साए किसानों ने रेलवे ट्रैक को उखाड़ने का प्रयास भी किया.

घटना के बाद मंदसौर में कर्फ़्यू लगा दिया गया है. वहीं किसानों द्वारा तोड़फोड़ की सूचना दूसरे स्थानों से भी आ रही है.

मध्यप्रदेश के गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने इस मामले पर कहा है कि फ़ायरिंग पुलिस की ओर से नही की गई है.

इसके साथ ही उन्होंने मामले की जांच कराने की बात भी कही है.

किन मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं किसान?

किसान 20 सूत्रीय मांगों को लेकर एक जून से हड़ताल कर रहे हैं. उनकी मांग है कि

  • स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू किया जाए.
  • किसानों का कर्ज माफ़ किया जाए.
  • किसानों को उचित समर्थन मूल्य दिया जाए.
  • मंडी का रेट निर्धारण हो.
  • किसानों को पेंशन दी जाए.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पुलिस की फ़ायरिंग में मारे गए किसानों की मौत की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं. साथ ही मृतकों को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की गई है.

सोमवार को शिवराज सिंह ने दावा किया था कि किसानों की हड़ताल समाप्त हो गई है.

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