एनडीटीवी के प्रमोटरों के ठिकानों पर छापों के कारण

इमेज कॉपीरइट NDTV TWITTER

एनडीटीवी के प्रमोटर प्रणय रॉय और राधिका रॉय पर आरोप है कि उनकी कंपनी ने एक निजी बैंक आईसीआईसीआई बैंक को 48 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाया है.

एनडीटीवी के प्रणय रॉय के घर सीबीआई के छापे

'एनडीटीवी पर बैन: मीडिया की हत्या मत करो'

आईसीआईसीआई बैंक के कुछ अधिकारियों पर यह भी आरोप है कि उन्होंने एनडीटीवी के प्रमोटरों के साथ मिलकर एक 'फर्जी' कंपनी को एनडीटीवी के शेयरों के स्थानांतरण में मदद की है.

केंद्रीय जाँच ब्यूरो यानी सीबीआई ने दिल्ली की एक संस्था - 'क्वांटम सिक्योरिटीज' के संजय दत्त की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की है.

इस मामले में आईसीआईसीआई बैंक ने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है.

आखिर क्या है इस मामले की जड़?

इस मामले की जड़ में वो लोन हैं जो प्रणय रॉय ने वर्ष 2008 में लिए थे. उन्होंने एक नई कंपनी-आरआरपीआर होल्डिंग्ज़ प्राइवेट लिमिटेड बनाई और 'इंडिया बुल्स' नाम की कंपनी से 501 करोड़ रुपए का कर्ज़ लिया.

आरोप हैं कि फिर इसी कंपनी के ज़रिये उन्होंने एनडीटीवी के बहुत सारे शेयरों को ख़रीदा.

शिकायतकर्ता के आरोपों के अनुसार 'इंडियाबुल्स' के कर्ज़ को चुकाने के लिए 'आरआरपीआर होल्डिंग्ज़ प्राइवेट लिमिटेड' ने आईसीआईसीआई बैंक से 375 करोड़ रुपए का ऋण लिया जिसकी ब्याज दर 19 प्रतिशत तय किया गया. यह बात अक्टूबर 2008 की है.

इसके बाद अगस्त 2009 में 'आरआरपीआर होल्डिंग्ज़ प्राइवेट लिमिटेड' को एक और कंपनी - विश्वप्रधान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड - मिल गई जिसने आईसीआईसीआई का लोन चुकाने के लिए सहमति भर ली.

संजय दत्त द्वारा दर्ज की गयी शिकायत सीबीआई की प्राथमिकी का आधार है.

इसमें कहा गया है कि 'आरआरपीआर होल्डिंग्ज़ प्राइवेट लिमिटेड' की 'बैलेंसशीट' के अनुसार उसे आईसीआईसीआई बैंक को 396,42,58,871 रुपए चुकाने थे.

लेकिन उसे 350 करोड़ रुपए ही चुकाए गए.

इमेज कॉपीरइट Salman Ravi

संजय दत्त के अनुसार इसके साथ-साथ 2016 तक उस रक़म पर और 6 करोड़ रूपए बतौर ब्याज होते हैं. यानी बैंक को कुल मिलाकर 48 करोड़ रूपए का नुक़सान हुआ.

इमेज कॉपीरइट Salman Ravi

सीबीआई की एसीबी शाखा के एसपी किरण एस ने इस मामले की जाँच के लिए डीएसपी ललित फुलर को अनुसंधान अधिकारी नियुक्त किया है.

प्रणय रॉय और राधिका रॉय के खिलाफ भारतीय दंड संहिता यानी आईपीसी की धारा 120 बी (आपराधिक सांठगांठ) और धारा 420 (धोखाधड़ी) के साथ भ्रष्टाचार निरोधी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे