बाल-बाल बचीं दंगल गर्ल ज़ायरा वसीम

  • 10 जून 2017
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आमिर ख़ान की फ़िल्म 'दंगल' से सुर्खियों में आईं ज़ायरा वसीम बाल-बाल बच गईं. मामला श्रीनगर का है. वो जिस कार में सफ़र कर रही थीं जो डल झील में जा गिरी.

हादसा शुक्रवार रात को हुआ. ज़ायरा अपने दोस्त आरिफ़ के साथ कार में थीं जब वो दुर्घटना का शिकार हो गई.

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स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें बाहर निकाला. खुशक़िस्मती से ज़ायरा को कोई चोट नहीं आई. उनके साथी आरिफ़ को कुछ चोट आई थी, लेकिन अब वो भी ठीक हैं.

विवादों में फंसी थीं ज़ायरा

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ज़ायरा को दंगल के लिए बेस्ट सर्पोटिंग एक्टर का नेशनल फ़िल्म अवॉर्ड मिला था.

इस साल की शुरुआत में ज़ायरा वसीम भारत प्रशासित जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती से मुलाक़ात के बाद सोशल मीडिया पर मुश्किल में फंस गई थीं. ज़ायरा को ट्रोल किया गया और कहा गया कि उन्हें महबूबा की बजाय पैलेट गन से ज़ख़्मी लोगों से मुलाक़ात करनी चाहिए.

16 साल की ज़ायरा सोशल मीडिया पर अपशब्दों से इतना परेशान हुईं कि उन्होंने अपना माफ़ीनामा पोस्ट किया. जिसके बाद उनके पक्ष में कई जानीं-मानीं हस्तियाँ खुलकर आईं. ज़ायरा ने बाद में माफ़ीनामा हटा दिया और एक नई पोस्ट में अपनी सफ़ाई दी.

अपनी पहली फ़िल्म से सुर्खियों में आई ज़ायरा के बारे में लोग ज़्यादा जानते नहीं हैं और फ़िल्म में उनकी हरियाणवी सुनकर इसका अंदाज़ा भी लगाना मुश्किल है कि वो कश्मीरी हैं. साल 2000 में श्रीनगर के हवल इलाके में पैदा हुईं ज़ायरा का फ़िल्मों में आना महज़ एक इत्तेफ़ाक़ है.

फ़िल्मों में नहीं आना चाहती थीं ज़ायरा

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दंगल रिलीज़ होने के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा था, ''मुझे एक्टिंग का बिल्कुल कोई शौक नहीं था और ना कभी सोचा था कि मैं फ़िल्मों में काम करूंगी. ये सब बस क़िस्मत की वजह से हुआ.''

ज़ायरा ने श्रीनगर के मिशनरी स्कूल सेंट पॉल सोनवर से हाल में दसवीं क्लास पास की है. उनके पिता बैंक में काम करते हैं, जबकि मां टीचर हैं. भले एक फ़िल्म ने ज़ायरा का रास्ता और मंज़िल, दोनों बदल दी हो, लेकिन ये इतना आसान नहीं था.

उनकी दिलचस्पी फ़िल्मों में नहीं थी और उनका परिवार भी ये नहीं चाहता था कि वो बॉलीवुड में क़िस्मत आज़माने के लिए मुंबई की राह पकड़ें. लेकिन अंत में ज़ायरा के परिवार ने उन्हें फ़िल्मों में काम करने की इजाज़त दी और नतीजा सामने है. इसमें ज़ायरा की एक रिश्तेदार ने अहम किरदार अदा किया.

रिश्तेदार के मनाने पर माने मां-बाप

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इन्हीं रिश्तेदार ने ज़ायरा के माता-पिता को समझाया कि उन्हें एक बार अपने ख़्वाबों को पूरा करने का मौक़ा दिया जाना चाहिए और आख़िरकार वे मान गए.

हालांकि, फ़िल्म की कामयाबी के बाद भी उनके पांव ज़मीन पर टिके हैं और ज़ायरा का कहना है कि वे किसी की प्रेरणा नहीं बनना चाहती.

मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा था, ''फ़िल्म के बाद बहुत लोग मेरे पास आए और कहा कि मुझ में उन्हें रोल मॉडल दिखता है. लेकिन मेरा कहना है कि वो ये ना सोचे कि मैंने एक्टिंग की, तो वो भी करें. उनमें ज़्यादा संभावनाएं हो सकती हैं. वे मुझे कोई प्रेरणा ना बनाएं.''

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