दलित मुद्दा था इसलिए फ़िल्म रोकी गई- निर्देशक रामचंद्रा

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बीते साल हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्र रोहित वेमुला ने आत्महत्या कर ली थी. इस दलित छात्र पर एक डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म के प्रदर्शन पर फिलहाल रोक लगा दी गई है.

ये फ़िल्म 16 जून को केरल राज्य चलचित्र अकादमी द्वारा आयोजित इंटरनेशनल डॉक्यूमेंटरी एंड शॉर्ट फ़िल्म फ़ेस्टिवल में दिखाई जानी थी.

लेकिन सूचना और प्रसारण मंत्रालय की ओर से इजाज़त न मिलने के कारण ये दिखाई नहीं जा सकती है.

निर्देशक पीएन रामचंद्रा की रोहित वेमुला की आत्महत्या से जुड़ी डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म का नाम है 'द अनबीयरेबल बींग ऑफ़ लाइटनेस.'

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'नहीं बताए कारण'

पीएन रामचंद्रा के अनुसार उन्हें आयोजकों से पता चला है कि इसके प्रदर्शन को रोकने के लिए उन्हें कोई कारण नहीं बताए गए हैं.

वो कहते हैं, "आयोजकों ने मुझे बताया है कि तीन फ़िल्मों को एग्ज़ेम्पशन सर्टिफ़िकेट नहीं मिला है लेकिन उन्हें इसके कारण नहीं बताए गए हैं. सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने आयोजकों को इसकी जानकारी दी है."

वो कहते हैं, "फ़िल्म प्रदर्शित करने से पहले आयोजकों को सूचना और प्रसारण मंत्रालय से ये सर्टिफ़िकेट लेना होता है. साधारण तौर पर सर्टिफ़िकेट मिल जाता है लेकिन तीन फ़िल्मों को ये नहीं मिला है."

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बीते साल हैदराबाद विश्वविद्यालय के दलित छात्र रोहित वेमुला की ख़ुदकुशी ने देश भर में हंगामा मचा दिया था.

लेकिन इस प्रकरण के बाद फ़िल्म निर्देशक को लगता है इस साल भी भेदभाव के ख़िलाफ़ संघर्ष का चेहरा बन कर उभरे रोहित के मुद्दे पर विवाद थमा नहीं है.

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'मुद्दा देख रोकी फ़िल्म'

पीएन रामचंद्रा कहते हैं, "मेरी फ़िल्म दलित मुद्दे पर है, दूसरी फ़िल्म कश्मीर मुद्दे पर है और तीसरी जेएनयू मुद्दे पर है. हमें आधिकारिक कारणों का तो पता नहीं है लेकिन हम अंदाज़ा लगा सकते हैं कि क्यों ऐसा हुआ है."

अन्य दो फ़िल्में हैं- कश्मीर मामले पर बनी 'इन द शेड ऑफ़ फॉलेन चिनार' और जेएनयू में हाल में हुए छात्र प्रदर्शनों पर आधारित 'मार्च, मार्च, मार्च.'

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उनका कहना है कि नवंबर 2016 में हुए कोलकाता फ़िल्म फ़ेस्टिवल में मेरी फ़िल्म दिखाई गई थी. इसका मतलब है कि उस फ़िल्म फ़ेस्टिवल के लिए इस डॉक्यूमेंट्री को एग्ज़ेम्प्शन सर्टिफ़िकेट मिला है.

वो कहते हैं - 'मुझे लगता है कि अगर इस फ़ेटिवल के लिए इसे सर्टिफ़िकेट नहीं मिला है तो इसे आगे सर्टिफ़िकेट मिलेगा. मैं इस फ़िल्म को ऑनलाइन रिलीज़ करूंगा. इसके लिए मुझे किसी सर्टिफ़िकेट की ज़रूरत नहीं होगी."

(डॉयूमेंट्री फ़िल्म निर्देशक पीएन रामचंद्रा के साथ बातचीत पर आधारित. उनसे बात की बीबीसी संवाददाता मानसी दाश ने)

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