प्रेस रिव्यू- तमिलनाडु के अधिकारियों पर टूट पड़े कथित गौरक्षक

  • 13 जून 2017
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इंडियन एक्सप्रेस ने लिखा है कि राजस्थान में कथित गौरक्षकों की भीड़ ने जैसलमेर से 50 गायें और 30 बछड़े खरीदकर ले जा रहे तमिलनाडु के सरकारी अधिकारियों के साथ बदतमीज़ी की.

पुलिस के मुताबिक तमिलनाडु के सरकारी अधिकारी पांच ट्रकों में पशु ले जा रहे थे जब बाड़मेर ज़िले में राष्ट्रीय राजमार्ग-15 पर रविवार रात को हमला हुआ था.

बाड़मेर के एसपी गगनदीप सिंहला ने कहा कि वक्त पर कार्रवाई न करने के लिए एसएचओ समेत सात पुलिसकर्मियों का तबादला कर दिया गया है.

कम से कम 50 लोगों पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है.

गगनदीप सिंहला के मुताबिक ये हमला शराब के नशे में धुत अराजक तत्वों ने किया, सोमवार को चार लोगों को गिरफ्तार किया गया.

पुलिस ने बताया कि इस भीड़ ने हाईवे को रोककर ट्रकों में तोड़फोड़ की और ड्राइवर, हेल्पर और जानवरों के डॉक्टर के साथ हाथापाई की. भीड़ ने ट्रक को आग लगाने की कोशिश भी की.

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द हिंदू ने लिखा है कि किंगफ़िशर कंपनी के मालिक विजय माल्या के प्रत्यपर्ण के लिए लंदन में मंगलवार को अदालत में सुनवाई होगी.

ये सुनवाई वेस्टमिंस्टर मैजिस्ट्रेट कोर्ट में होगी, अप्रैल में भारत ने माल्या के प्रत्यर्पण के लिए आधिकारिक कार्यवाही शुरू की थी जिसके बाद मेट्रोपोलिटन पुलिस ने विजय माल्या को प्रत्यर्पण वॉरंट के तहत गिरफ्तार किया था. उन्हें साढ़े छह लाख पाउंड के बॉण्ड के बाद ज़मानत दी गई थी.

सोशल: विजय माल्या के ट्वीट पर सोशल मीडिया की चुहलबाजी

बैंक के नौ हज़ार करोड़ रुपए का कर्ज़ नहीं चुकाने समेत कई आरोपों के तहत वो भारत में वॉन्टेड हैं.

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टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने लिखा है कि सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल और डेंटल कॉलेज में प्रवेश के लिए सोमवार को 2017 की नीट परीक्षा के परिणाम पर से रोक हटा ली है, मद्रास हाईकोर्ट ने नीट परीक्षा के परिणाम पर रोक लगाई थी जिसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी.

नीट का संचालन करने वाले केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ( सीबीएसई) ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नीट का परिणाम 26 जून को घोषित किया जाएगा.

इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों के हाईकोर्ट को आदेश दिया है कि नीट 2017 पर किसी याचिका पर सुनवाई न करें. करीब 12 लाख छात्र इस परिणाम का इंतज़ार कर रहे थे.

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हिंदुस्तान टाइम्स ने लिखा है कि छत्तीसगढ़ के कांकेर ज़िले में पलिस ने सोमवार को मध्य प्रदेश के समर्थन में छपवाए गए माओवादियों के बैनर बरामद किए हैं.

प्रतापपुर क्षेत्रीय माओवादी कमेटी के नाम से छपे बैनर में किसानों के समर्थन में संदेश छापे गए थे. मध्य प्रदेश में एक जून से किसान फ़सल का समर्थन मूल्य बढ़ाने और कर्ज़ माफ़ी जैसी कई मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे.

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जनसत्ता ने लिखा है कि खाद्य पदार्थों की कीमतों में गिरावट से महंगाई दर में मई महीने में भारी गिरावट दर्ज की गई है.

खुदरा या उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित महंगाई दर मई में घटकर 2.18 फीसदी रही, जो पिछले साल के इसी महीने में 5.76 फ़ीसदी थी.

आधिकारिक आंकड़ों से जानकारी के मुताबिक अप्रैल में महंगाई दर 2.99 फ़ीसदी रही थी.

इसमें कमी आने का मुख्य कारण दालों, अनाजों और ख़राब होने वाली वस्तुओं की कीमतों में हुई गिरावट है.

मई में सब्जियों की कीमतों में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 13.44 फ़ीसदी की गिरावट आई, दालों की कीमत में 19.44 फ़ीसदी की तेज़ गिरावट आई.

पैदावार बढ़ने से भी परेशान हैं एमपी-महाराष्ट्र के किसान

वहीं हिंदुस्तान टाइम्स ने लिखा है कि महंगाई दर में आई गिरावट की वजह से खाने-पीने के सामानों के दाम कम हो गए हैं और मॉनसून के सही होने के अनुमान से महंगाई के काबू में रहने के आसार हैं.

लेकिन खाद्य पदार्थों के दाम कम होने का मतलब है किसानों को उनकी उपज का सही दाम न मिलना.

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