तीन तलाक़ पर पंचायत ने लगाया 2 लाख का जुर्माना

  • 14 जून 2017
इमेज कॉपीरइट R yadav

उत्तर प्रदेश के संभल ज़िले में तीन बार तलाक़ देने वाले व्यक्ति के ख़िलाफ़ गांव की ही पंचायत ने दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया है.

पंचायत ने मेहर के तौर पर साठ हज़ार रुपये और दहेज का सामान भी लौटाने का फ़रमान सुनाया है.

संभल ज़िले में हयातनगर के मूसापुर गांव के रहने वाले 45 वर्षीय एक सलमान ने दो साल पहले 34 वर्षीया सबीहा बेगम से शादी की थी.

सबीहा उनकी दूसरी पत्नी थीं. क़रीब दस दिन पहले आपसी झगड़े के बाद सलमान ने सबीहा को एक बार में ही बोलकर तीन तलाक़ दे दिया.

तीन तलाक़- जो बातें आपको शायद पता न हों

तीन तलाक़ पर क्या सोचते हैं युवा मुसलमान?

तलाक़ दिए जाने के बाद सबीहा अपने माता-पिता के घर वापस आ गईं. रविवार को तुर्क समुदाय के 52 गांवों के लोगों को इस बारे में पंचायत के लिए बुलाया गया.

इमेज कॉपीरइट R yadav

पंचायत में प्रमुख पंच के तौर पर शामिल रहे लियाक़त अली ने बताया, "चार दिन पहले रेहाना के भाई मेरे पास आए और अपनी बहन के तलाक़ के मामले को पंचायत में उठाने की मांग की. हमने मदरसे पर पंचायत बुलाई और दोनों पक्षों के परिवार वालों को बुलाया. लड़की पंचायत में नहीं आई थी, लेकिन उसके भाई वहां मौजूद थे."

लियाक़त अली ने बताया, "पंचायत में एक बार में दिए तीन तलाक़ को नाजायज़ ठहराया गया और शौहर पर 2 लाख रुपये जुर्माना किया गया. इसके अतिरिक्त मेहर के रुपये और निकाह के समय दिया गया दहेज़ भी लड़की के परिजनों को वापस लौटने को कहा है."

पंचायत में मौजूद तुर्क समुदाय के नेता शाहिद हुसैन का कहना था, "पंचायत पिछले दो महीने से समुदाय के सभी लोगों से एक बार में तीन तलाक़ देने से परहेज करने की अपील कर रही है. हमने तय किया है कि बिना किसी वाजिब वजह के तलाक़ देना ठीक नहीं है और इससे बचा जाए. इस मामले में पंचायत ने तलाक़ की वजह को ठीक नहीं माना इसलिए ये सज़ा दी गई है."

इमेज कॉपीरइट AFP

वहीं इस पंचायत और उसके फ़रमान के बारे में स्थानीय पुलिस और प्रशासन को कोई जानकारी नहीं है.

संभल के पुलिस अधीक्षक रवि शंकर ने बीबीसी को बताया कि उन्हें फ़िलहाल इसके बारे में पता नहीं है.

बताया जा रहा है कि तुर्क समुदाय सामाजिक बुराइयों को लेकर लोगों को जागरूक करता रहता है और ऐसा न करने पर समय-समय पर पंचायत करके नाफ़रमानी करने वालों को सज़ा भी देता रहा है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे