स्पेन बॉर्डर को भारत का दिखाकर फंसा गृह मंत्रालय

  • 15 जून 2017
Image caption ऑल्ट समाचार वेबसाइट के अनुसार, ये फ़ोटो स्पैनिश फ़ोटोग्राफ़र जेवियर मोयानो ने 2006 में ली थी.

अपनी सीमा पर फ़्लड लाइट्स लगी हुई दिखाने के लिए स्पेन-मोरक्को बॉर्डर की एक तस्वीर को ट्वीट किए जाने पर भारत के गृह मंत्रालय की सोशल मीडिया पर लोग खिल्ली उड़ा रहे हैं.

'ऑल्ट न्यूज़' वेबसाइट ने बुधवार को लिखा कि भारतीय गृह मंत्रालय ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में इस तस्वीर को ये दिखाने के लिए इस्तेमाल किया कि उसने सीमा पर फ़्लड लाइट्स लगवा दी हैं.

'अबकी बार फोटोशॉप सरकार'

जब गांधी और मोदी एक तस्वीर का हिस्सा बने

वेबसाइट के मुताबिक ये तस्वीर 2006 में स्पेन के फ़ोटोग्राफ़र जेवियर मोयानो ने खींची थी.

गृह मंत्रालय ने कथित रूप से इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं.

इस तरह फ़ोटोशॉप तस्वीरें अपने आधिकारिक प्रेस रिलीज़ और रिपोर्टों में इस्तेमाल करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को पहले भी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है.

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Image caption पीआईबी ने फोटोशॉप की हुई यह तस्वीर पोस्ट की. बाद में इसे डिलीट कर दिया गया.

भारत का सरकार द्वारा संचालित प्रेस इंफ़ॉर्मेशन ब्यूरो ने 2015 में एक फ़ोटोशॉप तस्वीर पोस्ट की थी, जिसमें नरेंद्र मोदी को चेन्नई बाढ़ की सर्वे करते हुए दिखाया गया था.

ताज़ा मामला तब सामने आया जब गृह मंत्रालय ने एक तस्वीर को अपनी वार्षिक रिपोर्ट में शामिल किया और इस रिपोर्ट को मंत्रालय की वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया.

जब 'ऑल्ट न्यूज़' ने इस ग़लती को रिपोर्ट किया तो ट्विटर पर कई भारतीय यूज़र्स ने मंत्रालय की खिल्ली उड़ाई.

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एनडीटीवी वेबसाइट ने कहा कि गृह सचिव राजीव महर्षि ने अधिकारियों से इस मामले में सफ़ाई मांगी है.

उन्होंने कहा, "अगर ये ग़लती मंत्रालय से हुई है तो हम माफ़ी मांगेंगे."

असल में मंत्रालय पाकिस्तान से लगी सीमा पर फ़्लड लाइट लगवा रही है ताकि तस्करी और घुसपैठ को रोका जा सके.

अपनी वार्षिक रिपोर्ट में मंत्रालय ने कहा है कि उसने भारत के साथ लगने वाली पाकिस्तान और बांग्लादेश की सीमा पर 647 किलोमीटर तक फ़्लड लाइट लगवाई है.

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Image caption गृह मंत्रालय की वेबसाइट पर जारी की गई तस्वीर

अधिकारियों ने कहा कि अभी ये साफ नहीं पता चल पाया है कि कैसे एक ग़लत तस्वीर को गृह मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट में जगह मिल गई.

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