योगी सरकार ने भंग किए शिया-सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड

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उत्तर प्रदेश सरकार ने गुरुवार को शिया और सुन्नी वक़्फ़ बोर्डों को भंग करने का फ़ैसला लिया.

बोर्डों पर वक़्फ़ संपत्तियों की देखभाल में भ्रष्टाचार के आरोप हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक वक़्फ़ राज्य मंत्री मोहसीन रज़ा ने बताया है कि मुख्यमंत्री ने बोर्डों को भंग किए जाने को मंज़ूरी दे दी है.

रज़ा का कहना है कि बोर्डों से जुड़ी संपत्तियों में भ्रष्टाचार की रिपोर्टों के बाद भंग किए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई है.

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शिया वक़्फ़ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिज़वी और पूर्व सरकार में वक़्फ़ मंत्री आज़म ख़ान पर वक़्फ़ काउंसिल ऑफ़ इंडिया की जांच में सवाल उठाए गए हैं.

सेंट्रल वक्फ़ काउंसिल के एक जांच दल ने यूपी सरकार के समक्ष पेश अपनी रिपोर्ट में आज़म ख़ान पर भ्रष्टाचार, संपत्तियों के दुरुपयोग और रखरखाव में कुप्रबंधन के आरोप लगाए हैं.

Image caption आज़म ख़ान पूर्व सरकार में वक़्फ़ मंत्री थे. उन पर वक़्फ़ संपत्तियों पर क़ब्ज़ा करने के आरोप लगे हैं.

मोहसिन रज़ा ने हाल ही में वक़्फ़ काउंसिल की वक़्फ़ बोर्डों पर अलग से तैयार रिपोर्टों को भी मुख्यमंत्री के समक्ष पेश किया था.

रिपोर्टों में कहा गया है कि पूर्व सरकार में मंत्री रहते हुए आज़म ख़ान ने वक़्फ़ संपत्तियों पर क़ब्ज़े किए.

आज़म ख़ान पर वक़्फ़ संपत्तियों की आय को अपनी संस्था मौलाना जौहर अली एजुकेशन ट्रस्ट में स्थानांतरित करने के आरोप भी लगे हैं.

आज़म ख़ान ख़ुद पर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते रहे हैं.

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