घर जलाने वाले बेधड़क घूम रहे हैं: चंद्रशेखर की मां

  • 18 जून 2017
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हाल में दलितों के मुद्दे को लेकर चर्चा में आई भीम आर्मी रविवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने जा रही है. इस प्रदर्शन की अगुवाई चंद्रशेखर की मां कमलेश देवी कर रही हैं.

कमलेश देवी का कहना है कि उनके बेकसूर बेटे को उत्तर प्रदेश पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है और वो बेकसूरों की और अपने बेटे की रिहाई चाहती हैं.

वो कहती हैं, "चंद्रशेखर निर्दोष हैं. उन्होंने कोई कत्ल नहीं किया ना ही उन्होंने किसी को गोली मारी. बिना मतलब बेकसूरों को फंसाया जा रहा है और जिन्होंने हमारे घर जला दिए वो बेधड़क घूम रहे हैं."

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कमलेश देवी का आरोप है कि ये सब उत्तर प्रदेश सरकार की मिलीभगत है.

वो कहती हैं, "राज्य में योगी मुख्यमंत्री बन गए हैं और केंद्र में मोदी प्रधानमंत्री हैं. दोनों नेताओं की मिलीभगत से दलितों के ख़िलाफ़ कदम उठाया गया है."

चंद्रशेखर पर लगे आरोपों के बारे में उनका कहना है "मैं उसकी मां हूं जानती हूं कि मेरा बेटा ग़रीबों की रक्षा करता है, वो कोई दुर्घटना नहीं कर सकता."

भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद 'रावण' को इसी महीने उत्तर प्रदेश पुलिस ने हिमाचल प्रदेश के डलहौजी से गिरफ्तार कर लिया था. उन पर पुलिस चौकी में आगजनी, तोड़फोड़, पुलिस और मीडिया पर हमले के आरोप लगाए गए हैं.

चंद्रशेखर फिलहाल जेल में हैं.

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गिरफ़्तारी से कुछ दिन पहले चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया के ज़रिए उत्तर प्रदेश पुलिस को चेतावनी दी थी. उन्होंने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई और शोषण करने का आरोप लगाया और कहा कि उनकी मां और भाई को गिरफ्तार किया गया था.

कमलेश देवी भी इस बात की पुष्टि करती हैं कि पुलिस ने उन्हें और उनके 24 साल के छोटे बेटे को हिरासत में ले कर चार घंटे रखा और पूछताछ की.

उनकी मांग है, "पुलिस निर्दोषों को छोड़े और उनको पकड़े जिन्होंने दलितों के घर जलाए गए हैं."

वो कहती हैं कि शासन को उन पर ध्यान देना चाहिए जिनको मारा-पीटा गया है.

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पांच मई को शब्बीरपुर गांव में दलितों के घर जलाए जाने के चार दिन बाद सहारनपुर में दलितों के प्रदर्शन हुए थे. इसके बाद चंद्रशेखर पर कथित रूप से हिंसा भड़काने को लेकर पुलिस ने एफ़आईआर दर्ज की गई थी.

हालांकि चंद्रशेखर का कहना था कि पुलिस उन्हें फंसाने की कोशिश कर रही है.

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