अवमानना के दोषी जस्टिस करनन गिरफ़्तार

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सुप्रीम कोर्ट की अवमानना के दोषी कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व जज, जस्टिस चिन्नास्वामी स्वामीनाथन करनन को गिरफ़्तार कर लिया गया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई ने पश्चिम बंगाल सीआईडी के हवाले से कहा है कि जस्टिस करनन को दक्षिण भारत से गिरफ़्तार किया गया है.

जजों से लड़ते जस्टिस करनन: क्या है मामला?

कौन हैं CJI को सज़ा सुनाने वाले जस्टिस करनन?

सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना के मामले में उन्हें छह महीने की जेल की सज़ा सुनाई थी, लेकिन वो तभी से पुलिस की पकड़ से बाहर थे.

वो 12 जून को वो अपने पद से रिटायर हो गए थे.

भारत के चीफ़ जस्टिस समेत सुप्रीम कोर्ट के सात न्यायाधीशों को पांच साल की सज़ा सुनाने वाले करनन पिछले कुछ समय से ख़बरों में रहे हैं.

दलित होने के कारण प्रताड़ना का शिकार होने का आरोप लगाने वाले जस्टिस करनन ने आरोप लगाया था कि इन जजों ने एससी/एसटी एक्ट के तहत अपराध किया है.

क्या है मामला?

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23 जनवरी को जस्टिस करनन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक चिट्ठी लिखी जिसमें उन्होंने 20 'भ्रष्ट जजों' और तीन वरिष्ठ क़ानूनी अधिकारियों के नाम लिखे और उनसे इन लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने का अनुरोध किया था.

जस्टिस करनन अवमानना के दोषी, छह महीने की जेल की सज़ा- सुप्रीम कोर्ट

इस पर सुप्रीम कोर्ट के सात जजों ने उन्हें कारण बताओ नोटिस भेजा लेकिन वो पेश नहीं हुए. तीसरी बार में सुप्रीम कोर्ट ने उनके ख़िलाफ़ गैर ज़मानती वारंट जारी कर दिया.

मई महीने में सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस करनन को अदालत की अवमानना का दोषी पाया और उन्हें 6 महीने से जेल की सज़ा सुनाई.

इस बीच उनके कामकाज पर भी सर्वोच्च न्यायालय ने रोक लगा दी थी.

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