प्रेस रिव्यू: व्हाट्सऐप के ज़रिए पैसे ट्रांसफ़र कर पाएंगे यूजर्स

शरद यादव और नीतीश कुमार इमेज कॉपीरइट Getty Images

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति चुनाव में शरद यादव चाहते थे कि उनकी पार्टी जनता दल यूनाइटेड विपक्ष के साथ खड़ी रहे.

जब जेडीयू ने एनडीए प्रत्याशी रामनाथ कोविंद को समर्थन देने का फ़ैसला नहीं किया था तब शरद यादव ने विपक्ष का साथ देने की मुखर वकालत की थी.

अख़बार के मुताबिक शरद यादव ने बुधवार को इस मामले में कहा कि रामनाथ कोविंद को समर्थन देने का फ़ैसला स्थानीय परिस्थिति के हिसाब से लिया गया है.

इंडियन एक्सप्रेस ने लिखा है कि यह पहली बार नहीं है जब शरद यादव की पार्टी में उपेक्षा की गई. अख़बार ने लिखा है कि जब वह पार्टी अध्यक्ष थे तब भी उनकी नहीं सुनी गई थी.

इंडियन एक्सप्रेस ने लिखा है कि जब भी पार्टी में नीतीश कुमार और शरद यादव के बीच मतभेद हुआ तब यादव की नहीं चली. अख़बार ने उस वाकये का उदाहरण दिया है जब मार्च 2010 में राज्यसभा में नीतीश कुमार ने महिला रिजर्वेशन बिल का समर्थन किया था जबकि शरद यादव इसमें लालू और मुलायम के साथ संशोधन की मांग कर रहे थे.

सवालों के घेरे में क्यों है नीतीश की विश्वसनीयता

कोविंद के समर्थन से पीछे हटना मुमकिन नहींः जेडीयू

इमेज कॉपीरइट Getty Images

इकनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक मैसेजिंग ऐप व्हाट्सऐप भारतीय बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों से बात कर रहा है कि उसके ज़रिए यूजर्स को पेमेंट करने की अनुमति दी जाए. व्हाट्सऐप चाहता है कि वह यूनाइटेड पेमेंट्स इंटरफ़ेस (यूपीआई) के ज़रिए यूजर्स को ट्रांसफर करने की सुविधा दे.

व्हाट्सऐप पर अमरीकी सोशल नेटवर्किंग कंपनी फ़ेसबुक का स्वामित्व है. अख़बार के मुताबिक वह भारतीय बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों से पैसे ट्रांसफ़र और भुगतान का अधिकार हासिल करने की मांग कर रहा है. अख़बार ने स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के एक अधिकारी के हवाले से यह रिपोर्ट दी है.

इमेज कॉपीरइट FACEBOOK
Image caption उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत

टाइम्स ऑफ इंडिया ने ख़बर दी है कि उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं न होने पर प्रदेश सरकार को फटकार लगाई है. कोर्ट ने कहा है कि जब तक स्कूलों में कुर्सियां नहीं मंगाई जातीं, तब तक सरकार लग्ज़री कारें, फर्नीचर और एसी जैसी चीज़ें नहीं ख़रीद सकती.

कोर्ट ने शिक्षा विभाग के सचिव से पूछा कि क्यों न आदेश लागू होने तक सरकारी अफसरों का वेतन रोक दिया जाए.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

इंडियन एक्सप्रेस ने भारतीय क्रिकेट टीम में अपने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि वेस्टइंडीज दौरे पर गई टीम को बिल्कुल अंदाज़ा नहीं था कि अनिल कुंबले उनके साथ इस दौरे पर नहीं जाने वाले हैं.

अखबार ने लिखा है कि खिलाड़ियों का विमान जब सेंट लूशिया में उतरा, तब उन्होंने अपने फोन ऑन किए. इसके बाद उन्हें पता चला कि कुंबले ने कोच पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. सूत्रों के मुताबिक, 'टीम को लगा था कि वह 25 जून को होने वाले दूसरे वनडे मैच से पहले वेस्टइंडीज पहुंच जाएंगे.'

सूत्र का यह भी कहना है कि ट्विटर पर कप्तान विराट कोहली से जुड़ा कुंबले का बयान पढ़कर टीम में अच्छा संदेश नहीं गया है और खिलाड़ी इससे परेशान हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे