कांग्रेस नया रोड मैप बना रही: ज्योतिरादित्य सिंधिया

Image caption ज्योतिरादित्य सिंधिया की पार्टी एक नया ब्लू प्रिंट लेकर आ रही है

कांग्रेस पार्टी के युवा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के अनुसार, उनकी पार्टी 2019 के आम चुनाव और इससे पहले होने वाले विधानसभा के सभी चुनावों के लिए एक रणनीति तैयार कर रही है. उनके राज्य मध्य प्रदेश में अगले साल विधानसभा का चुनाव होगा.

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शुक्रवार को बीबीसी से फ़ेसबुक पर एक लाइव इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा कि चुनावों का ये ब्लू प्रिंट या खाका भारतीय जनता पार्टी या इसकी सरकार की आलोचना पर आधारित नहीं होगा बल्कि इसमें पार्टी का देश के लिए अपना एक विज़न होगा.

उनके अनुसार, इस ब्लू प्रिंट को लागू किये जाने के लिए राहुल गाँधी और सोनिया गाँधी के नेतृत्व में एक नयी लीडरशिप सामने आएगी ये ब्लू प्रिंट जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा.

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भाजपा की 2019 की तैयारियां शुरू हो जाने की खबर पर उन्हों ने कहा, "भारतीय जनता पार्टी तो इलेक्शन मोड में मई 2014 से है. और यही इसकी सबसे बड़ी कठिनाई साबित होने वाली है."

सरकार पर सवाल

अपने तर्क को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा, "उन्हें जनता के दुख-दर्द में शामिल होने की कोई चिंता नहीं. देश के विकास और प्रगति के बारे में कोई चिंता नहीं. आंतरिक सुरक्षा को देख लो, बेरोज़गारी का हाल देख लो, किसानों का हाल देख लो. रक्षा क्षेत्र को देख लो. पूरी तरह से देश को पस्त करने का काम उन्होंने किया है. क्यों? क्यूंकि वो हमेशा केवल इलेक्शन मोड में हैं. और यही उनकी सब से बड़ी कठिनाई होने वाली है."

व्यापम घोटाला, अवैध रेत खनन समेत भ्रष्टाचार के कई मामले और अब मंदसौर में फ़ायरिंग से 6 किसानों की मौत. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की अगले साल विधानसभा चुनाव से पहले दिक्क्तें बढ़ती जा रही हैं.

भाजपा के कांग्रेस-मुक्त भारत बनाने के इरादे पर टिपण्णी करते हुए 2014 में चौथी बार गुना, मध्य प्रदेश से सांसद चुने जाने वाले 43-वर्षीय ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि हर पार्टी का उतार चढ़ाव आता है.

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Image caption शिवराज सिंह की अगले साल विधान सभा चुनाव से पहले दिक्क्तें बढ़ती जा रही है

वो कहते हैं, "ये मत भूलिए कि हम एक बहुत पुरानी पार्टी हैं. जिस पार्टी की आप बात कर रहे हैं (भाजपा) उसके पास एक समय केवल 2 सीटें थीं कभी. हर पार्टी का उतार चढ़ाव आता है. ये विधि का विधान है."

उतार चढ़ाव आते रहते हैं

राहुल गाँधी पर एक कमज़ोर लीडर होने के इलज़ाम पर उन्होंने कहा, "मैं मानता हूँ कि राहुल गाँधी और सोनिया गाँधी के नेतृत्व में यही कांग्रेस पार्टी उभर के आयी थी 2004 में, जब सारे लोग कहते थे कि पार्टी चुनाव हार जाएगी."

वो कहते हैं, "2009 के चुनाव में सब लोग कहते थे कि दोबारा आपकी पार्टी जीत कर नहीं आएगी. लेकिन हम आए. 2019 में भी हमें विश्वास है कि अगर हम एक ब्लू प्रिंट लेकर आएंगे, अगर एक नयी टीम बनाएंगे तो राहुल गाँधी के नेतृत्व में कांग्रेस दोबारा उभर के आएगी."

उनके मुताबिक़, वर्तमान में चुनौतियाँ ज़रूर हैं. लेकिन उनके हिसाब से 'ये हमारे लिए थ्रेट नहीं अवसर है.'

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कांग्रेस पार्टी और इसकी 2004 से 2014 तक चले सरकार में भ्रष्टाचार के इल्ज़ामों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि जो भ्रष्टाचार है वो अभिशाप है पूरे देश पर चाहे वो किसी दल में हो.

'भ्रष्टाचार से कोई मुक्त नहीं'

वो कहते हैं, "मैं नहीं मानता कि कोई भी पार्टी इससे मुक्त है. आज ही बीजेपी का एक कार्यकर्ता पकड़ा गया दक्षिण भारत में जाली नोट छापते हुए. स्वयं उनके घर में दीमक लगा हुआ है."

संस्थागत भ्रष्टाचार के इलज़ाम से घिरी अपनी पार्टी का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि संस्थागत भ्रष्टाचार तो बीजेपी में भी है.

उनके अनुसार, "ज़रा मेरे प्रान्त (मध्य प्रदेश) में आकर देखिये. कांग्रेस ने सत्ता का केन्द्रीकरण किया है, बीजेपी ने तो भ्रष्टाचार का केन्द्रीकरण किया है. व्यापम कांड का नाम आपने सुना ही होगा अपने. भाजपा का क्या चेहरा ये सब को मालूम है."

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ज्योतिरादित्य सिंधिया माधवराव सिंधिया के बेटे हैं जिनका 2002 में एक हवाई हादसे में देहांत हो गया था. उन्होंने 2002 में पढ़ाई ख़त्म करने के बाद अपने पिता के चुनावी क्षेत्र गुना से चुनाव जीता.

तब से वो तीन बार वहां से चुनाव जीत चुके हैं. उन्हें राहुल गाँधी के क़रीबी साथियों में से माना जाता है. ज्योतिरादित्य सिंधिया 2009 से 2014 यूपीए सरकार में मंत्री भी थे.

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