'पुलिस ने युवक को घर से निकालकर गोली मारी'

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झारखंड के चतरा में एक मुसलमान युवक को घर से निकालकर गोली मारने के आरोप में पुलिस के एक जवान को गिरफ़्तार किया गया है.

इस घटना के बाद गांव के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है. शुक्रवार की देर रात से लोग घरों से बाहर निकल गए और शव के साथ सड़क को जाम कर दिया है. यह घटना पिपरवार थाना क्षेत्र के बेहरा गांव की है.

चतरा के उपायुक्त संदीप सिंह ने बीबीसी को जानकारी दी है कि इस मामले में पिपरवार थाना के एक जवान को गिरफ़्तार कर लिया गया है. साथ ही थाना प्रभारी को तत्काल निलंबित कर दिया गया है.

प्राथमिकी दर्ज करने के साथ आगे की कार्रवाई की जा रही है. पुलिस ने घटनास्थल से कारतूस के खोल भी बरामद किए हैं.

मज़दूरी करता था 19 साल का सलमान

उपायुक्त का कहना है कि 'प्रारंभिक तफ्तीश और पूछताछ में पुलिस पर लगे आरोप गंभीर प्रतीत हो रहे हैं.'

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उनके मुताबिक, इस मामले में स्पष्ट कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घटना स्थल पर कैंप कर रहे हैं.

इसके अलावा बड़ी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की गई है. उपायुक्त ने कहा, 'गांव के लोग गुस्से में हैं, लेकिन जांच में पूरा सहयोग भी कर रहे हैं और हालात नियंत्रण में है.'

पोस्टमार्टम का इंतज़ार

फ़िलहाल गांव वाले शव को पोस्टमार्टम के लिए उठाने नहीं दे रहे हैं. पुलिस और प्रशासन के अधिकारी उन्हें समझाने में जुटे हैं.

मरने वाले युवक का नाम मोहम्मद सलमान उर्फ राजा है. उनके पिता अब्दुल जब्बार ने फ़ोन पर बीबीसी को बताया कि राजा की उम्र 19 साल थी और वो कोयला खदान में मज़दूरी करता था. शुक्रवार को ही उसे मज़दूरी मिली थी.

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अब्दुल जब्बार ने बताया, ''रात में वे अपने लिए नए कपड़े, बेल्ट, इत्र, जूते- चप्पल लेकर आया था. वो बहुत खुश था और घर के लोगों से पूछ रहा था कि ये कपड़े अच्छे तो हैं ना.''

छाती में तीन गोली मारी

उन्होंने कहा, "आखिरी जुमे के बाद सभी लोग ईद की तैयारियों में जुटे थे. लेकिन पुलिस ने घर से निकालकर उनके बेटे की छाती पर तीन गोलियां दाग दीं."

वे लोग सलमान के गुनाह के बारे में पूछते रहे, लेकिन पुलिस ने कुछ बताया नहीं और घर से क़रीब 50 मीटर की दूरी तक घसीट कर ले गए.

जब्बार ने कहा, ''गोलियां चलने की आवाज़ सुनाई पड़ी, हम सभी लोग वहां पहुंचे तो देखा कि मेरा बेटा सलमान खून से लथपथ था."

गांव में रहने वाले मोहम्मद असलम ने कहा, ''यकीन मानिए पुलिस ने दरिंदों की तरह इस घटना को अंजाम दिया. कोई मामला भी दर्ज नहीं है. गोली चलाने के बाद पुलिस जीप से भागने में सफल रही, जबकि सुबह कोई ज़िम्मेदार अधिकारी कुछ भी बताने से बचते रहे.''

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खाली कारतूस बरामद किए गए

इधर टंडवा के पुलिस उपाधीक्षक पीतांबर खेरवार का कहना है कि घटनास्थल से कारतूस के खोल बरामद किए गए जो इंसास राइफ़ल के हैं.

उनका कहना था कि शाम में बेहरा बस्ती के कुछ युवक सड़क पर चंदा कर रहे थे. इसमें गोली चलने की घटना से एक ट्रक के खलासी के घायल होने की ख़बर मिली.

उनके मुताबिक, प्रारंभिक पूछताछ में ये बात सामने आई है कि उसी घटना की छानबीन के सिलसिले में पुलिस रात में बेहरा गांव गई थी. पूछताछ के क्रम में गोली चलने की बात सामने आ रही है. फ़िलहाल आला अधिकारियों के नेतृत्व में जांच जारी है.

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क्या मरने वाले युवक के ख़िलाफ़ पुलिस रिकॉर्ड में कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज है, इस सवाल पर खेरवार ने कहा कि 'इस बारे में अभी बताया नहीं जा सकता.'

इधर राज्य मुख्यालय ने भी इस घटना के बारे में चतरा पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों से जानकारी मांगी है.

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