चुनाव आयोग ने बीजेपी मंत्री को विधानसभा के लिए अयोग्य ठहराया

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Image caption राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को बधाई देते हुए बीजेपी सरकार में मंत्री नरोत्तम मिश्रा

चुनाव आयोग ने मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह सरकार के मंत्री नरोत्तम मिश्रा के ख़िलाफ़ फैसला सुनाते हुए उन्हें विधानसभा के लिए अयोग्य करार दिया है.

यह मध्यप्रदेश में पेड न्यूज़ का पहला बड़ा मामला है जिसमें शिकायत के आठ साल बाद फैसला आया है.

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नरोत्तम मिश्रा मध्यप्रदेश सरकार में जल संसाधन और जनसंपर्क मंत्री के पद पर हैं. उनके ख़िलाफ़ विधानसभा चुनाव के ख़र्च की सही जानकारी नही देने से जुड़ा मामला चल रहा था.

तीन साल तक नहीं लड़ सकते चुनाव

चुनाव आयोग के फैसले के बाद नरोत्तम मिश्रा तीन साल तक कोई भी चुनाव नही लड़ सकते हैं.

प्रदेश के रसूख़ वाले मंत्रियों में से एक नरोत्तम मिश्रा के लिये यह बहुत धक्का पहुंचने वाला फैसला है.

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Image caption मध्य प्रदेश की बीजेपी सरकार के मंत्री नरोत्तम मिश्रा

इस मामले पर उन्होंने कहा,"इस मसले को लेकर हाईकोर्ट जाऊंगा. यह मामला 2008 का है और पिछले चुनाव 2013 में जनता ने मुझे फिर चुन लिया है. इसलिये यह फैसला महत्वपूर्ण नही रह जाता."

कांग्रेस ने की थी शिकायत

कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने साल 2009 में नरोत्तम मिश्रा के ख़िलाफ़ शिकायत की थी.

इसमें नरोत्तम मिश्रा पर दतिया से 2008 में चुनाव लड़ते वक़्त ख़र्चे की सही जानकारी नहीं देने का आरोप लगाया गया था.

मुश्किल की घड़ी में सरकार मंत्री के साथ

नरोत्तम मिश्रा की अभी कोशिश यही है कि वो चुनाव आयोग के फैसले पर हाईकोर्ट से स्टे ले लें ताकि विधानसभा में उनकी सदस्यता बची रहे.

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वहीं शिवराज सिंह चौहान पर भी यह दबाव होगा कि वो नैतिक तौर पर नरोत्तम मिश्रा का इस्तीफा ले लें.

लेकिन, अभी पार्टी पूरी तरह से नरोत्तम मिश्रा के साथ खड़ी नज़र आ रही है.

प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष नंद कुमार चौहान ने कहा, "इस वक़्त पूरी पार्टी नरोत्तम मिश्रा के साथ है. कानून विशेषज्ञों से सलाह ली जा रही है उसके बाद इस पर फैसला लिया जायेंगा."

वहीं, उन्होंने चुनाव आयोग के फैसले पर भी सवाल उठाए हैं.

पार्टी में मतभेद

इस फैसले ने प्रदेश भाजपा में दो हिस्से कर दिये है. कुछ भाजपा नेताओं का मानना है कि नरोत्तम मिश्रा को फौरन अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिये.

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Image caption राज्यपाल कोहली के साथ मंत्री नरोत्तम मिश्र

पूर्व मंत्री सरताज सिंह ने कहा, "नरोत्तम मिश्रा को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिये. जो फैसला चुनाव आयोग ने दिया है उस पर सवाल नही किया जाना चाहिये."

पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रहलाद पटेल ने फैसले का स्वागत किया है.

उन्होंने ट्वीट किया है, "निर्वाचन से जुड़े फैसले तय समय सीमा में हो, ताकि साधनों का दुरुपयोग करने का कोई दुस्साहस न कर सकें."

कांग्रेस ने की इस्तीफ़े की मांग

वहीं विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मामले पर नरोत्तम मिश्रा के इस्तीफे की मांग की है.

नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने सवाल किया है कि क्या आरएसएस नैतिकता के आधार पर नरोत्तम मिश्रा से इस्तीफा मांगेगी.

उन्होंने कहा, "शिवराज सिंह मंत्रिमंडल के अधिकांश मंत्री दागी है फिर भी मध्यप्रदेश स्वर्णिम है. इससे साबित होता है कि भाजपा अनैतिक हथकंडे अपनाकर चुनाव जीतती है.''

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