मोदी की 'भौंडी तस्वीर' व्हाट्सऐप पर लगाने के आरोप में मुस्लिम शिक्षक गिरफ़्तार

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Image caption सांकेतिक तस्वीर

असम पुलिस ने पीएम मोदी की 'भौंडी नकल तस्वीर' को व्हाट्सऐप प्रोफ़ाइल पर लगाने के आरोप में सरकारी स्कूल के शिक्षक अब्दुल हमीद बरभुईयां को गिरफ़्तार किया है.

यह घटना असम के हैलाकांदी ज़िले के पांचग्राम थाना क्षेत्र की है. पुलिस ने बीजेपी अलगापुर युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष संजय डे की शिकायत के आधार पर ये कार्रवाई की है.

इस मामले में प्रधानमंत्री मोदी की जो 'भौंडी नकल तस्वीर' लगाई गई थी उसमें एक 'शरीर' पर मोदी का चेहरा लगा था जो कुत्ते का दूध निकाल रहे हैं.

गिरफ़्तार शिक्षक को नहीं थी जानकारी

गिरफ़्तार शिक्षक ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "मुझे स्मार्टफ़ोन ठीक से चलाना नहीं आता और मैं ऐसा क्यों करूंगा."

अब्दुल हमीद का कहना था कि उनका 11 साल का बेटा अक्सर उनके फोन से कथित छेड़छाड़ करता रहता था, हो सकता है ग़लती से ऐसी तस्वीर व्हाट्सऐप पर लग गई हो.

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Image caption सरकारी स्कूल के शिक्षक अब्दुल हमीद बरभुईयां

वहीं, हैलाकांदी ज़िले के पुलिस अधीक्षक प्रणव ज्योति गोस्वामी ने बीबीसी से बात की है. उन्होंने कहा कि शिक्षक के फोन कॉन्टेक्ट्स वाले लोग इस तस्वीर के बारे में जानते थे. उनके फ़ोन के व्हाट्सऐप डीपी पर प्रधानमंत्री की (चेहरे के साथ) ऐसी दो तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया था.

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गोस्वामी बताते हैं कि पहली तस्वीर में प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे को एक कुत्ते के शरीर पर लगाया हुआ था जिसके गले में जंजीर थी. दूसरी तस्वीर में एक नकल शरीर पर प्रधानमंत्री का चेहरा लगाया हुआ है जो कुत्ते का दूध निकाल रहें हैं.

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पुलिस अधिकारी ने बताया कि फोटो कैप्शन में लिखा था 'ब्यूटीफ़ुल डॉग'.

शिक्षक के खिलाफ नहीं लगी है 66 () धारा

पुलिस अधीक्षक ने शिकायतकर्ता का नाम लिए बगैर कहा कि जिस रिलायंस जियो नंबर के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज की गई है वह नंबर अब्दुल हमीद बरभुईयां के नाम पर पंजीकृत है.

उन्होंने कहा है कि ये देखना शिक्षक की ज़िम्मेदारी है कि उनके फ़ोन पर इस तरह की विवादित तस्वीरें लगाई गई हैं और यह कई दिनों तक उनके व्हाट्सऐप डीपी पर थी.

पुलिस अधीक्षक ने आईटी अधिनियम की धारा 66 ए (बी) के तहत मामला दर्ज करने के बारे में कहा कि यह मामला सीधे तौर पर आईटी की धारा 66 ए (बी) के तहत नही लिया गया है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट इस धारा को निरस्त कर चुकी है.

पुलिसमें भ्रम की स्थिति

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गोस्वामी बताते हैं कि ग्रामीण इलाकों की पुलिस चौकियों में कई बार ऐसे मामलों को लेकर भ्रम की स्थिति बन जाती है, विडंबना यह है कि दो महीने पहले वाली उपलब्ध आईटी एक्ट की किताब में भी धारा 66 ए (बी) का ही जिक्र है लेकिन हमनें यह मामला आईपीसी की धारा 153 और 155 के तहत दर्ज किया गया हैं. इसके साथ ही एफआईआर में मौजूद शिकायत को देखते हुए धारा 120 (बी) भी लगाया गया है.

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साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञ पवन दुग्गल का कहना है कि कोई भी ऐसी तस्वीर जो देश की एकता, अखंडता को प्रभावित करती हो या किसी समुदाय विशेष, व्यक्ति विशेष या किसी की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाए वो भी अपराध के दायरे में आती है.

दुग्गल के मुताबिक ऐसी तस्वीर जिसकी वजह से हिंसा भड़क सकती हो, उसका इस्तेमाल अपराध है. उसे बतौर प्रोफ़ाइल पिक्चर इस्तेमाल करना ग़लत है.

कांग्रेस ने साधा बीजेपी पर निशाना

इस मुस्लिम शिक्षक की गिरफ़्तारी के मसले पर असम प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता अपूर्व भट्टाचार्य कहते हैं कि बीजेपी की सरकार ख़ुद को एक तरफ प्रजातांत्रिक कहती है लेकिन उसके ख़िलाफ़ जिसने भी आवाज़ उठाई उसे या तो जेल में डाल दिया गया या फिर दूसरे तरीकों से परेशान किया जाता हैं.

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कांग्रेस प्रवक्ता कहते हैं कि इंदिरा गांधी जब शासन में थी तो उनके ख़िलाफ़ पूरे विश्व में कई तरह के व्यंगात्मक कार्टून छापे जाते थे, हाल ही में सोशल मीडिया पर सोनिया गांधी को साइकिल की पीछे सीट पर और प्रियंका गांधी को आगे बैठाकर राहुल गांधी को सवारी करते हुए दिखाया गया था. अगर आप राजनीति में हैं तो इस तरह के कार्टून आएंगे ही लेकिन इसका मतलब आप किसी को जेल में थोड़े ही डाल दोगे.'

हालांकि कानून के कई जानकारों का यह मानना है कि देश के उच्च सार्वजनिक कार्यालय में बैठे किसी व्यक्ति को ग़लत इरादे के साथ बदनाम करना या फिर उसकी छवि को बिगाड़ना अपराध के दायरे में आ सकता हैं.

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