मोदी और मनमोहन की विदेश यात्राएँ, क्या है सच?

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भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने रविवार को गोवा में कहा कि मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मुक़ाबले कम विदेश यात्राएँ की हैं.

सामाचार एजेंसी पीटीआई की ख़बर के मुताबिक़, अमित शाह ने हैरानी ज़ाहिर की है कि लोग पता नहीं क्यों ऐसा सोचते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी ने ज्यादा विदेश यात्राएं की हैं.

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गोवा में भाजपा के कार्यकर्ताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि इसकी वजह उन्हें एक कार्यकर्ता ने ही समझाई.

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अमित शाह ने कहा, "एक पार्टी कार्यकर्ता ने मुझसे कहा कि जब मनमोहन सिंह विदेश दौरे पर जाते थे, तब कोई जान भी नहीं पाता था."

उन्होंने आगे कहा, "मनमोहन सिंह के समय भारतीय प्रधानमंत्री चीन, अमरीका और रूस कहीं भी जाते थे, तो दुनिया को पता नहीं चलता था. लेकिन अब नरेंद्र मोदी अमरीका, रूस, फ्रांस, जापान, श्रीलंका कहीं भी जाते हैं तो हज़ारों लोग उन्हें लेने एयरपोर्ट पर पहुंचते हैं, तब पूरी दुनिया को पता चल जाता है कि भारतीय प्रधानमंत्री विदेश यात्रा कर रहे हैं."

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दावा

आइए जानते हैं कि अमित शाह के इन दावों में कितनी सच्चाई है?

विदेश मंत्रालय की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक़, नरेंद्र मोदी ने मई 2014 में प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद, तीन साल में 56 विदेशी दौरे किए हैं, मोदी 132 से ज्यादा दिन विदेश में गुज़ार चुके हैं.

वहीं पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने दस साल के अपने पूरे कार्यकाल में, 80 विदेश यात्राएँ की हैं और कुल 305 दिन विदेश में गुजारे हैं.

इस हिसाब से मनमोहन सिंह ने हर साल औसतन आठ विदेशी दौरे किए, जबकि नरेंद्र मोदी ने तीन साल में 56 विदेश यात्राएँ की हैं यानी कम-से-कम सालाना 18 विदेश यात्राएँ.

औसतन सालाना 8 विदेश यात्राओं को, 18 से अधिक कैसे बताया जा सकता है?

अमित शाह प्रधानमंत्री मोदी की तीन साल की विदेश यात्राओं की तुलना मनमोहन सिंह के शायद दस साल से कर रहे हैं. लेकिन नरेंद्र मोदी इसी रफ़्तार से विदेश यात्राएँ करते रहें और मनमोहन सिंह की तरह अगर वे दस वर्ष तक प्रधानमंत्री रहे तो वे 180 विदेश यात्राएँ कर चुके होंगे.

अमित शाह ने ये नहीं बताया है कि उनके ऐसा कहने का आधार क्या है?

(ये आंकड़ें अप्रैल 2017 तक के हैं.)

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