कश्मीर: मुठभेड़ में तीन चरमपंथियों की मौत

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भारत प्रशासित कश्मीर में मंगलवार रात चली मुठभेड़ में तीन चरमपंथी मारे गए हैं. पुलिस का दावा है कि मारे गए चरमपंथियों में से एक ने स्थानीय पुलिस अधिकारी की 'भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या' की घटना में अहम भूमिका निभाई थी.

22 जून की रात श्रीनगर में नौहट्टा की जामा मस्जिद के पास तैनात पुलिस अधिकारी अयूब पंडित की भीड़ ने पीट-पीट कर हत्या कर दी थी. सजाद गिलकर पर भीड़ को उकसाने का आरोप लगा था. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिलकर इस घटना के बाद चरमपंथी संगठन में शामिल हो गए थे और पुलिस अधिकारी के हत्या के मामले में वांछित थे.

कश्मीर पुलिस के प्रवक्ता मनोज पंडित ने एक बयान में कहा, "वह (गिलकर) सुरक्षा बलों से हथियार छीनने और अन्य हिंसक गतिविधियों में भी शामिल रहा था."

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अयूब पंडित की हत्या के बाद कश्मीर घाटी ही नहीं भारतीय मीडिया और सोशल मीडिया में इसकी तीखी प्रतिक्रिया हुई थी. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भीड़ को उकसाने और हत्या में शामिल अन्य लोगों को भी जल्द ही क़ानून के शिकंजे में लिया जाएगा.

तीन चरमपंथियों के मारे जाने के बाद बुधवार को श्रीनगर में तनाव का माहौल रहा. चरमपंथियों के जनाजे में अधिक लोग शामिल न हों, इसके लिए प्रशासन ने एहतियाती क़दम उठाए थे. हालाँकि प्रतिबंधों के बावजूद काफी लोग जनाजे में शामिल हुए जिन्हें सुरक्षाबलों ने बलपूर्वक तितर-बितर किया.

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