प्रेस रिव्यू- अमर्त्य सेन की डॉक्यूमेंट्री पर सेंसर बोर्ड खफा, 'गाय-गुजरात' शब्द बीप करने को कहा

इमेज कॉपीरइट Getty Images

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार नोबेल पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन के जीवन पर बने वृत्तचित्र में सेंसर बोर्ड ने कई कट लगाने के लिए कहा है.

सेंसर बोर्ड ने सुमन घोष निर्देशित फ़िल्म 'एन आर्गुमेंटेटिव इंडियन' में 'गाय', 'गुजरात', 'हिंदू' और 'हिंदुत्व' जैसे शब्दों पर आपत्ति जताई है.

इन शब्दों का इस्तेमाल अमर्त्य सेन ने वृत्तचित्र में अपने इंटरव्यू के दौरान किया है. सेंसर बोर्ड ने घोष से इन शब्दों को हटाने के लिए कहा है.

सेंसर बोर्ड का कहना है कि 'इन शब्दों के इस्तेमाल से देश की छवि खराब होगी.' घोष ने कहा, "उनका कहना है कि फिल्म में सेन द्वारा गुजरात दंगों पर की गई टिप्पणी से ये शब्द हटा दिए जाएं. वे 'गाय' शब्द भी हटाना चाहते हैं और उसकी जगह बीप का इस्तेमाल करने को कह रहे हैं. यह बेहद हास्यास्पद है."

उन्होंने कहा कि वे अमर्त्य सेन द्वारा साक्षात्कार के दौरान इस्तेमाल किए 'हिंदू भारत' और 'हिंदुत्व' शब्दों को भी हटवाना चाहते हैं.

घोष ने कहा, "मैं डॉक्यूमेंट्री एक भी शब्द को बीप नहीं करूँगा. यहाँ एक प्रक्रिया है और हम उस प्रक्रिया का पालन करेंगे. देखते हैं क्या होता है और हम इस मुद्दे पर कहाँ तक जा सकते हैं."

इमेज कॉपीरइट Getty Images

इंडियन एक्सप्रेस की एक अन्य ख़बर के मुताबिक भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने बुधवार को एक संसदीय समिति को बताया कि नोटबंदी के बाद जमा कराए गए नोटों की अब भी एक विशेष टीम द्वारा लगातार 24 घंटे गिनती की जा रही है.

वित्तीय मामलों पर संसद की स्थाई समिति की बुधवार को तीन घंटे से अधिक चली बैठक में रिज़र्व बैंक गवर्नर से कई सवाल पूछे गए, लेकिन कई सदस्यों ने कहा कि केंद्रीय बैंक प्रमुख ने इस बारे में कोई स्पष्ट संख्या नहीं बताई कि 8 नवंबर को नोटबंदी के बाद कितनी धनराशि बैंकों में आई.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

स्टेट्समैन के अनुसार आधार अधिनियम की वैधता से संबंधित एक याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय की संविधान पीठ सुनवाई करेगी. सुनवाई 18 जुलाई से शुरू होगी और दो दिन चलेगी.

आधार अधिनियम की वैधता को चुनौती गोपनीयता के मुद्दे पर दी गई है और यह मुद्दा पिछले दो साल से लंबित पड़ा है. पीठ इस पर फ़ैसला करेगी कि गोपनीयता का अधिकार क्या मौलिक अधिकार है?

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे