विवाद के बीच अमर्त्य सेन की डॉक्यूमेंट्री का ट्रेलर रिलीज़

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फ़िल्ममेकर सुमन घोष ने नोबेल पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन के जीवन पर बनी डॉक्यूमेंट्री 'द आर्ग्युमेंटेटिव इंडियन' का ट्रेलर इंटरनेट पर रिलीज़ कर दिया है.

सेंसर बोर्ड ने डॉक्यूमेंट्री में इस्तेमाल 'गाय', 'गुजरात' और 'हिंदू इंडिया' और 'हिंदुत्व' शब्दों पर एतराज़ जताया था और इन्हें हटाने की बात कही थी. हालांकि ये शब्द ट्रेलर में शामिल नहीं हैं, लेकिन भारतीय अधिकारियों का कहना है कि आपत्तिजनक शब्दों को हटाए बिना डॉक्यूमेंट्री का ट्रेलर रिलीज़ करना ग़ैरक़ानूनी है.

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डायरेक्टर सुमन घोष ने शुक्रवार को फ़ेसबुक पर ट्रेलर शेयर करते हुए लिखा, ''मैंने लोगों के साथ डॉक्यूमेंट्री का ट्रेलर शेयर करने का फ़ैसला किया है क्योंकि इसे रिलीज़ करने की इजाज़त नहीं मिल रही थी. हम 14 जुलाई को इसे रिलीज़ करना चाहते थे, इसके लिए ट्रेलर भी तैयार कर लिया था. अगर आपको अच्छा लगे तो इसे ज़रूर शेयर करें. लोगों और मीडिया से मिले सपोर्ट के लिए आभारी हूं."

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अमर्त्य सेन का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आलोचक माना जाता है और इस डॉक्यूमेंट्री में वे गुजरात में 2002 में मुसलमानों पर हिंदुओं के हमले की चर्चा करते हैं. डॉक्यूमेंट्री में इस बात का भी ज़िक्र है कि कैसे हिंदुओं के लिए पवित्र मानी गई गाय अहम मुद्दा बन गई है.

क़रीब एक घंटे लंबी इस डॉक्यूमेंट्री में अमर्त्य सेन को अपने छात्रों और अर्थशास्त्र के प्राध्यापक कौशिक बसु के साथ बेतकल्लुफ़ी से बातचीत करते दिखाया गया है. इस फ़िल्म की न्यूयॉर्क और लंदन में पहले ही स्क्रीनिंग हो चुकी है.

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