राहुल गांधी से मधुर भंडारकर का सीधा सवाल

मधुर भंडारकर इमेज कॉपीरइट Getty Images

फ़िल्मकार मधुर भंडारकर की नई फ़िल्म 'इंदु सरकार' को लेकर विवाद थमता नहीं दिख रहा है. इस फ़िल्म का कांग्रेसी कार्यकर्ता विरोध कर रहे हैं.

शनिवार को विरोध-प्रदर्शन के कारण पुणे में 'इंदु सरकार' के तय प्रमोशनल कार्यक्रम को रोकना पड़ा था. इस फ़िल्म को लेकर महाराष्ट्र के कई शहरों में कांग्रेसी कार्यकर्ता सड़क पर हैं.

कांग्रेसियों के विरोध से मधुर भंडारकर ख़ासे नाराज़ हैं. मधुर भंडारकर ने कहा कि नागपुर में उन्हें प्रेस कॉन्फ्रेंस को मजबूर होकर रद्द करना पड़ा. नाराज़ मधुर भंडारकर ने कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी से पूछा कि क्या वह इस उपद्रव से सहमत हैं?

फ़िल्म 'इंदु सरकार' पर सेंसर की कैंची

इमरजेंसी पर फ़िल्म के चलते दबाव में मधुर भंडारकर

इमेज कॉपीरइट Twitter

मधुर भंडारकर ने राहुल गांधी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल को संबोधित करते हुए ट्वीट किया, ''प्रिय राहुल गांधी, मुझे पुणे के बाद नागपुर का कार्यक्रम रद्द करना पड़ा. क्या आप इस उपद्रव से सहमत है? क्या मेरे लिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं है?''

इस फ़िल्म को लेकर मधुर भंडारकर कई तरह की मुश्किलों से जूझ रहे हैं. इससे पहले 'इंदु सरकार' में सेंसर बोर्ड ने 16 कट लगाए थे. यह फ़िल्म भारत की दिवंगत प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की राजनीति पर है.

मधुर भंडारकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के ग़ुस्से का सामना कर रहे हैं. इन कार्यकर्ताओं का कहना है कि इंदिरा गांधी को लेकर फ़िल्म के कुछ हिस्से आपत्तिजनक हैं.

इमेज कॉपीरइट Madhur Bhandarkar

मधुर भंडारकर ने इस फ़िल्म में इंदिरा गांधी द्वारा साल 1975 में लगाए गए आपातकाल को मुख्य कथानक बनाया है. कांग्रेस कार्यकर्ता इस वजह से भी नाराज़ हैं.

कांग्रेस के कई बड़े नेताओं ने भी इस फ़िल्म पर निशाना साधा है. कांग्रेस प्रवक्ता ज्योतिरादित्य सिंधिया का कहना है कि इंदु सरकार फ़िल्म पूरी तरह से प्रायोजित है.

सिंधिया ने कहा कि इस फ़िल्म के पीछे जो संगठन और व्यक्ति है, उन्हें वो जानते हैं. उन्होंने कहा कि वह इस फ़िल्म में इंदिराजी के ग़लत चित्रण की निंदा करते हैं. हालांकि भंडारकर का कहना है कि वह आज की पीढ़ी को आपातकाल के बारे में बताना चाहते हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे