क़ब्रिस्तान पर कब्ज़े की अफ़वाह से वाराणसी में सांप्रदायिक संघर्ष

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क़ब्रिस्तान पर क़ब्ज़े की कथित अफ़वाह के चलते वाराणसी में रविवार रात दो समुदायों में जमकर संघर्ष हुआ. हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा.

वाराणसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आरके भारद्वाज ने बीबीसी को बताया कि अफ़वाह फैलाने के आरोप में मुस्लिम समुदाय के कई अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज किया गया है और गिरफ़्तारी की कार्रवाई की जा रही है.

पुलिस के मुताबिक हिंसा की शुरुआत इस अफ़वाह के चलते हुए कि सिगरा थाना क्षेत्र में पड़ने वाले क़ब्रिस्तान के बाहर की ज़मीन पर कोई अवैध कब्ज़ा कर रहा है.

इस अफ़वाह के चलते मुस्लिम समुदाय के कई लोग इकट्ठा हो गए और नारेबाज़ी करने लगे. कुछ ही देर में हिन्दू समुदाय के लोग भी बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए और फिर दोनों पक्षों में टकराव शुरू हो गया.

इस दौरान न सिर्फ़ पत्थरबाज़ी और आगज़नी हुई बल्कि कई वाहनों में भी तोड़-फोड़ की गई.

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गाय बांधने के बाद अफ़वाह

वाराणसी के ज़िलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने बीबीसी को बताया कि फ़िलहाल स्थिति नियंत्रण में है और लोगों से अफ़वाहों पर ध्यान न देने की अपील की जा रही है.

बताया जा रहा है कि विवादित ज़मीन पर पास में ही रहने वाले एक वकील महेंद्र सिंह बारिश के चलते टूट गए घर के एक हिस्से की मरम्मत करा रहे थे और इसीलिए उन्होंने क़ब्रिस्तान के पास अपनी गायें बांध दी.

पुलिस के मुताबिक इसी घटना को क़ब्रिस्तान पर कब्ज़े की अफ़वाह के तौर पर प्रचारित किया गया और देखते-देखते इतना बड़ा विवाद हो गया.

इलाक़े में तनाव को देखते हुए कई थानों की पुलिस और पीएसी तैनात की गई है.

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