प्रेस रिव्यू: चीन ने तिब्बत में किया युद्ध अभ्यास

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Image caption [सांकेतिक तस्वीर]

'एशियन एज' में छपी एक ख़बर के अऩुसार सिक्किम सेक्टर में सीमा पर भारत के साथ जारी सैन्य गतिरोध के बीच चीन ने तिब्बत में 11 घंटे तक युद्ध अभ्यास किया.

चीन की सेना का कहना है कि उन्होंने तिब्बत की पहाड़ियों में पठारी क्षेत्रों में हमले और अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए युद्धाभ्यास किया है.

अख़बार के अनुसार विश्लेषकों का मानना है कि ये युद्धाभ्यास चीन की जनता को ये आश्वासन देने के लिए है कि उनकी सेना मुश्किल वक्त के लिए तैयार है.

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'हिंदुस्तान टाइम्स' में छपी एक ख़ास ख़बर के अनुसार एक तरफ जब सीरिया में कथित इस्लामिक स्टेट को खदेड़ने के लिए लड़ाई चल रही है वहीं इस चरमपंथी समूह के समर्थक जम्मू कश्मीर में इसकी मौजूदगी बढ़ाने की कोशिशें कर रहे हैं.

अख़बार ने इस पर एक ख़ास रिपोर्ट छापी है जिसमें कहा गया है कि 'अन्सारुल ख़िलाफ़ा जम्मू कश्मीर' नाम के संगठन का टेलीग्राम नाम के एक अन्क्रिप्टेड मैसेजिंग सर्विस पर एक चैनल है.

इसके ज़रिए ये संगठन इलामिक स्टेट से संबंधित जानकारी, हथियार बनाने और हमले करने के बारे में जानकारी दूसरों तक पहुंचाते हैं.

रिपोर्ट के अनुसार सोमवार को इस समूह ने बीते साल पेरिस के नीस और जमनी के बर्लिन में हुए चरमपंथी हमलों की तरह किस तरह बड़ी गाड़ियों के ज़रिए हमले किए जा सकते हैं इस बारे में हिंदी में जानकारी मुहैया कराई है.

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'इंडियन एक्सप्रेस' में छपी ख़बर के अनुसार शिमला के नज़दीक कोटखाई में 16 साल की एक लड़की के साथ कथित बलात्कार और हत्या के मामले की जांच का काम अब राज्य सरकार ने सीबीआई को सौंप दिया है.

लड़की को उस वक्त अगवा कर लिया गया था जब वो स्कूल से वापस घर लौट रही थी. बलात्कार के बाद गला घोंट कर उसकी हत्या कर दी गई.

6 जुलाई को शव बरामद किया गया जिसके बाद ग्रामीणों का विरोध फूट पड़ा.

लड़की के पिता का कहना है कि उनके बेटा और बेटी रोज़ जंगल के रास्ते 5 किलोमीटर दूर स्कूल जाते थे. उन्होंने अपनी बेटी को "जंगली जानवरों के बारे में तो सचेत कराया था लेकिन आदमी के बारे में सचेत नहीं कराया था जो एक वहशी दरिंदा है".

'डेली पायोनियर' में छपी एक ख़बर के अनुसार सरकार ने नोटों में इस्तेमाल होने वाली सुरक्षा फीचर्स को देश में ही बनाने का फैसला किया है.

अख़बार के अनुसार इससे मेक इन इंडिया को बढ़ावा मिलेगा और साथ ही देश के बाहर से छप कर आने वाले नोटों से अर्थव्यवस्था के लिए ख़तरा भी कम होगा.

अख़बार के अनुसार केंद्र ने सुरक्षा फीचर यूनिटों के लिए जारी शर्तों में साफ तौर पर कहा है कि इनमें किसी भी पाकिस्तानी नागरिक को नौकरी नहीं दी जाएगी.

इन युनिट में ऐसे लोग भी काम नहीं कर सकते जो पाकिस्तान या चीन में भारतीय मिशन में शामिल रहे हों.

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पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा अपने आधार कार्ड को अपने पैन कार्ड के साथ नहीं जोड़ पाए हैं. ये ख़बर छापी है 'द स्टेट्समैन' ने.

अख़बार के अनुसार एक इंटरव्यू में यशवंत सिन्हा ने बताया कि उनके पैन कार्ड में उनका नाम यशवंत सिन्हा लिखा है जबकि आधार कार्ड में उनका नाम श्री यशवंत सिन्हा लिखा है. इस कारण दोनों मैच नहीं हो पाया.

उन्होंने बताया कि आधार कार्ड में अपना नाम बदलवाने के लिए आवेदन करने के बाद अधिकारी उनके फिंगरप्रिंट लेने के लिए पहुंचे. लेकिन अधिक उम्र होने के चलते उनके फिंगरप्रिंट मैच नहीं हो रहे.

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'जनसत्ता' में छपी एक ख़बर के अनुसार कोलकाता पुलिस ने संघ विचारक राकेश सिन्हा समेत भाजपा के चार नेताओं के खिलाफ सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश के आरोप में एफ़आइआर दर्ज की है.

अख़बार के अनुसार कोलकाता पुलिस में संयुक्त पुलिस कमिश्नर ने इस बात की पुष्टि की कि दिल्ली भाजपा प्रवक्ता नुपूर शर्मा के खिलाफ गरियाहट और शेक्सपीयर सरणी थानों में एफआइआर दर्ज है जिनमें से एक में राकेश सिन्हा को सहआरोपी बनाया गया है.

राकेश सिन्हा पर सोशल मीडिया के माध्यम से सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली तस्वीरें साझा करने का आरोप है.

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'दैनिक भास्कर' में छपी एक ख़बर के अऩुसार अभिनेता संजय दत्त को सज़ा का समय पूरा होने का आठ महीने पहले जेल से रिहा करने पर महाराष्ट्र सरकार की दलील बॉम्बे हाईकोर्ट को रास नहीं आई है.

हाईकोर्ट ने पूछा है कि संजय दत्त ने आख़िर ऐसा क्या काम किया है जिसकी वजह से उन्हें जल्द रिहा कर दिया गया, इस बारे में कोर्ट को जानकारी दी जाए.

अख़बार के अनुसार पुणे के सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप भालेकर ने संजय दत्त को आठ महीने पहले येरवड़ा जेल से रिहा किए जाने के ख़िलाफ़ बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है.

सज़ा काटते वक्त संजय 120 दिन की पेरोल और 44 दिन की फर्लो छुट्टी पर बाहर थे.

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