प्रेस रिव्यू: डोकलाम में भारत के ख़िलाफ़ चीन चल रहा है दोहरी चाल

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डोकलाम में चार हफ़्तों से भारत और चीन के बीच जारी गतिरोध के ख़त्म होने के आसार नज़र नहीं आ रहे हैं. इकनॉमिक टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि भारत, चीन और भूटान की सीमा पर यह गतिरोध बिल्कुल अलग और डराने वाला लग रहा है.

इस रिपोर्ट में लिखा गया है- यह पहली बार है जब भारत किसी तीसरे देश के लिए चीन के सामने खड़ा है. यहां पर चीनी सोच की कई परतें हैरान करने वाली हैं.

अख़बार लिखता है, ''इस गतिरोध को लेकर चीन से जो सरकारी और ग़ैरसरकारी बयान आ रहे हैं उनमें केवल आक्रामकता के स्तर में फ़र्क है. इन बयानों में कहा जा रहा है कि भारत की ग़लती है, उसे वापस जाना चाहिए. उसे सैनिकों को वापस बुलाना चाहिए. भूटान और चीन आपस में इस मुद्दे को सुलझा लेंगे. वहीं दूसरे शब्दों में चीन यह कह रहा है कि वह एक छोटे देश को जबर्दस्ती रोक सकता है.''

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अख़बार ने लिखा है, ''भारत ने अब तक सब्र दिखाया है. भारत ने लगातार संदेश दिया है कि वह बातचीत के ज़रिए मुद्दे का समाधान चाहता है. बाहरी विशेषज्ञ इस गतिरोध की समीक्षा करते हुए 1962 में दोनों देशों के बीच हुए युद्ध को भी याद कर रहे हैं. शी जिनपिंग के नेतृत्व में चीन हर तरफ़ से हाथ आजमाना चाहता है. जिनपिंग को एक और कार्यकाल मिल सकता है. चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की 19वीं कांग्रेस में शी को एक और कार्यकाल सौंपा जा सकता है.''

अख़बार ने लिखा है कि शी चतुराई से 10 साल के पारंपरिक कार्यकाल को तोड़ना चाहते हैं. पिछले हफ़्ते शी के एक अहम प्रतिद्वंद्वी जांच के दायरे में आ गए.

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अख़बार ने लिखा है, ''चीन बड़ी चालाकी से एक साथ दो भूमिका अदा कर रहा है. एक तरफ़ तो वह भारत को उकसा रहा है तो दूसरी तरफ़ विक्टिम कार्ड भी खेल रहा है. वह भारत से भूटान को दूर करना चाहता है. चीन चाहता है कि वह भूटान के साथ बात करे तो इंडिया-भूटान फ्रेंडशिप समझौते की छाया न हो. चीन कह रहा है कि भारत बिना शर्त डोकलाम से पीछे हटे. चीन ने ऐसा करने के लिए वक़्त भी बड़ी सतर्कता से चुना है. पीएम मोदी की अमरीकी यात्रा से पहले चीन ने डोकलाम में सड़क निर्माण का काम शुरू किया.''

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अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस की एक ख़बर के अनुसार, प्रधानमंत्री कार्यालय ने मानव संसाधन मंत्रालय को सलाह दी है कि स्कूलों में अनुशासन, शारीरिक स्वास्थ्य और देशभक्ति की भावना के लिए सैनिक स्कूलों का मॉडल अपनाया जाए.

अख़बार के अनुसार, मानव संसाधन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, बीते मंगलवार को पीएमओ की ओर से बुलाई गई बैठक में मौजूद थे.

ऐसा समझा जा रहा है कि मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावेडकर सैनिक स्कूल और जवाहर नवोदय विद्यालय के मॉडल लागू करने के तरीक़ों पर विचार कर रहे हैं.

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हिंदुस्तान की एक ख़बर के अनुसार, बसपा प्रमुख मायावती का इस्तीफ़ा राज्यसभा में स्वीकार कर लिया गया है. उन्होंने मंगलवार को इस्तीफ़ा दिया था लेकिन सही प्रारूप न होने की वजह से वो स्वीकार नहीं किया गया था.

हालांकि, द हिंदू ने ख़बर दी है कि मायावती, उत्तर प्रदेश की फूलपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ सकती हैं, जहां से केशव प्रसाद मौर्य उप मुख्यमंत्री बनने से पहले सांसद थे.

अंग्रेज़ी अख़बार टेलीग्राफ़ की एक ख़बर के अनुसार, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इस बात की पुष्टि की है कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप से मुलाक़ात के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एच1 वीज़ा के मुद्दे पर सीधे बात नहीं की थी.

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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने इस बारे में अमरीकी राष्ट्रपति के सामने मुद्दा उठाया था लेकिन विशेषकर एच1 वीज़ा का नाम नहीं लिया.

हिंदुस्तान टाइम्स की एक ख़बर के मुताबिक बीजेपी की केरल इकाई ने अपने एक एक नेता को पार्टी से निष्कासित कर दिया है. उन पर 5.6 करोड़ रुपये रिश्वत लेने का आरोप था, जिस पर पार्टी ने आंतरिक जांच बैठाई थी.

ये मामला तब प्रकाश में आया जब आंतरिक जांच की रिपोर्ट मीडिया में लीक हो गई थी.

अमर उजाला की एक ख़बर के अनुसार, गोरक्षा को लेकर होने वाली हिंसा पर मोदी के रुख का आरएसएस ने समर्थन किया है.

जम्मू में गुरुवार को एक कार्यक्रम के दौरान आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य ने गोरक्षा के नाम पर हो रही हिंसा को निंदनीय बताया.

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