राजस्थान में हो रही थी लाखों लीटर तेल की चोरी

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राजस्थान में पाकिस्तान की सीमा से सटे बाड़मेर ज़िले में कच्चा तेल चोरी करने के एक बड़े मामले में पुलिस ने 31 लोगों को गिरफ़्तार किया है. इसमें तेल कंपनी केयर्न के कुछ कर्मचारी भी शामिल हैं.

पुलिस ने एक सौ लोगों को प्राथमिकी में नामजद किया है. पुलिस ने चोरी में लगे 30 से ज्यादा टैंकर भी कब्ज़े में ले लिए है.

बाड़मेर के स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस घटना को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ा है और केंद्र सरकार से जांच कराने की मांग की है.

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टैंकर्स की संदिग्ध आवाजाही देख हुआ शक़

बाड़मेर को भारत के प्रमुख तेल उत्पादक क्षेत्रों में शुमार किया जाता है. इस क्षेत्र में तेल के वाणिज्यक उत्पादन और आपूर्ति में लगी केयर्न ऑयल कंपनी के प्रवक्ता ने बीबीसी से कहा कि कंपनी जांच में पुलिस को पूरा सहयोग कर रही है.

उन्होंने कहा, "कंपनी ने जब परिवहन में लगे टैंकर्स की संदिग्ध गतिविधियां देखी, तुरंत पुलिस को सूचना दी और एफ़आईआर दर्ज करवाई. पुलिस जाँच कर रही है. हम जांच में साथ हैं और सहयोग कर रहे है."

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बाड़मेर के पुलिस प्रमुख गगनदीप सिंगला ने बीबीसी से कहा, "यह काफी बड़ा मामला है. हम हर एंगल से इसकी जांच कर रहे हैं. इसके देशव्यापी आयाम है. इस सिलसिले में अब तक 31 लोग गिरफ्तार किए गए हैं और उससे पूछताछ की जा रही है."

उन्होंने बताया, "इनमें कंपनी के भी 10 कर्मचारी शामिल हैं. जानकारी मिली है कि हर रोज़ 15 से 20 हज़ार लीटर कच्चा तेल चोरी किया जा रहा था. पुलिस ने दो दिन में बाड़मेर और निकटवर्ती जालौर ज़िले में छह फैक्ट्रियों पर छापा मारा है, जहां तेल भंडारण और आगे सप्लाई के लिए काम किया जाता था."

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'राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला'

बाड़मेर जिले में सत्तारूढ़ बीजेपी के विधायक कैलाश चौधरी ने कहा, "ये बहुत गंभीर मामला है. इसमें तेल कंपनी के लोग शामिल हैं. मैंने प्रधानमंत्री जी और राज्य के मुख्यमंत्री को चिठ्ठी लिखी है और इस घोटाले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है."

वो कहते हैं, "यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला है.

क्या इतने बड़े पैमाने पर चोरी को कोई राजनैतिक संरक्षण भी हासिल है? इस पर चौधरी कहते है, "ये मुझे नहीं मालूम. मगर यह बड़ा घोटाला है और इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए."

केयर्न कंपनी के सूत्रों ने बताया कि इससे पहले भी चोरी का मामला सामने आया तो कंपनी ने तुरंत शिकायत की थी.

सूत्रों ने बताया कि बाड़मेर के तेल क्षेत्र से निकले तेल का बड़ा हिस्सा एक सुरक्षित पाइपलाइन से ही दूसरी जगह ले जाया जाता है. जिस क्षेत्र के तेल कुओं से चोरी की यह वारदात सामने आई है, वहां बहुत कम मात्रा में तेल उत्पादन होता है.

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बाड़मेर के मंगला, ऐश्वर्या और भाग्यम जैसे बड़े तेल क्षेत्र हैं. वहां से प्रतिदिन डेढ़ से पौने दो लाख कच्चा तेल निकाला जाता है. लेकिन यह घटना उस इलाक़े की है जहां कम मात्रा में तेल निकलता है और टैंकरों से गंतव्य तक लाया जाता है.

सदियों तक बियाबां रेगिस्तान में पानी की एक एक बूंद सहेजते रहे बाड़मेर में कोई तेरह साल पहले धरती के नीचे तेल के भंडार का पता चला तो हालात बदलने लगे.

केयर्न कंपनी ने प्राकृतिक गैस आयोग के साथ साल 2009 में तेल का वाणिज्यक उत्पादन शुरू किया. इससे पूरे रेगिस्तान का चेहरा बदल गया.

अब अकेले राजस्थान को ही हर दिन तेल से ग्यारह करोड़ का राजस्व मिलता है.

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