नीतीश कुमार: डीएनए से एनडीए तक का सफ़र

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जो राजनीतिक लड़ाई 21 अगस्त 2015 को 'डीएनए' पर विवाद से शुरू हुई थी वो आखिरकार नीतीश कुमार को एनडीए तक ले आई.

मौक़ा था बिहार में विधानसभा के चुनावों का और इस दौरान प्रचार के क्रम में नेताओं के बीच जुमलों की ऐसी बौछार हुई जिसने आपस की तल्खियों को और बढ़ा दिया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब बिहार में प्रचार की कमान संभाली थी तो उनके निशाने पर तीनों थे. मसलन नीतीश कुमार, लालू प्रसाद यादव और कांग्रेस के नेता.

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नीतीश पर निशाना

जिस 21 अगस्त की चुनावी सभा की चर्चा हो रही है उसमें प्रधानमंत्री ने जीतनराम मांझी की जनता दल (यूनाइटेड) और नीतीश कुमार से की गई बग़ावत को मुद्दा बनाया.

जीतन राम मांझी की चर्चा करते हुए नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा था, "जीतन राम मांझी पर ज़ुल्म हुआ तो मैं बेचैन हो गया. एक चाय वाले की थाली खींच ली, एक ग़रीब के बेटे की थाली खींच ली. लेकिन जब एक महादलित के बेटे का सबकुछ छीन लिया तब मुझे लगा कि शायद डीएनए में ही गड़बड़ है."

फिर एक चुनावी सभा में उन्होंने जनता दल (यूनाइटेड) को प्रधानमंत्री ने कुछ इस तरह परिभाषित किया, "जनता दमन उत्पीड़न पार्टी."

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मोदी पर पलटवार

नरेंद्र मोदी के इस बयान ने चुनाव के प्रचार अभियान के दौरान वाक् युद्ध की शुरुआत कर दी.

इसके पलटवार में एक चुनावी सभा के दौरान नीतीश कुमार ने डीएनए की बात को बिहार के स्वाभिमान से जोड़ते हुए कहा, "ये किसके डीएनए की बात कर रहे हैं? मैं कौन हूँ? मैं कहाँ से आया हूँ? मैं आपका हूँ. ये बिहार के डीएनए पर ऊंगली उठाई गई है. जिनके पूर्वजों का देश की आज़ादी की लड़ाई में कोई योगदान नहीं था वो हमारे डीएनए पर उंगली उठा रहे है."

बस फिर क्या था जनता दल (यूनाइटेड) के आह्वान पर बिहार के विभिन्न क्षेत्रों से पार्टी के कार्यकर्ताओं ने डीएनए की जांच के लिए अपने नाख़ून और बाल के नमूने प्रधानमंत्री कार्यालय भेजने शुरू कर दिए.

एक महीने के अंदर ही नाख़ून और बाल के कई हज़ार नमूने प्रधानमंत्री कार्यालय पहुँच गए.

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अमित शाह का बयान

फिर बारी थी भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह की जिन्होंने चुनावी सभा के दौरान जोश में कह डाला, "नीतीश और लालू अगर जीत गए तो नतीजे पटना में आएंगे मगर पटाख़े पकिस्तान में छूटेंगे."

नीतीश कुमार ने पलटवार करते हुए भाजपा पर आरोप लगाया कि वो वोटों का धार्मिक आधार पर ध्रुवीकरण करना चाहती है.

तल्ख़ी भरे जुमलों का बाज़ार गर्माता चला गया. इसी बीच संवाददाता सम्मलेन के दौरान नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री पर फिर पलटवार किया.

इस बार वो भाजपा के उस बयान पर निशाना साध रहे थे जिसमें कहा गया था कि 'दिल्ली से चली मोदी की ठंडी हवा' में महागठबंधन की हवा निकल जाएगी.

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'थ्री इडियट' की पैरोडी

बॉलीवुड की 'थ्री इडियट' फिल्म के गाने पर नीतीश कुमार ने पैरोडी बना डाली और पत्रकार सम्मलेन में बड़ी चुस्कियां लेते हुए सुनाया, "वो कहते हैं कि वहीं (दिल्ली) से हवा चलती है ठंडी. अब हवा पर हमको एक चीज़ याद आ गया भाई. एक ज़रा सुनाना चाहते हैं आप लोगों को... बहती हवा सा था वो... गुजरात से आया था वो... काला धन लाने वाला था वो... कहाँ गया उसे ढूंढो.... हमको देश की फ़िक्र सताती.... वो बस विदेश के दौरे लगाता... हमको बढ़ती महंगाई सताती... वो बस मन की बात सुनाता... हर वक़्त अपनी सेल्फी खींचता था वो. कहाँ गया उसे ढूंढो......"

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