हमारी सेना दुश्मनों को हराने में सक्षम: शी जिनपिंग

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एक तरफ़ डोकलाम सीमा पर चीन और भारत की सेनाएं आमने-सामने हैं तो दूसरी तरफ़ चीन के सरकारी मीडिया शिन्हुआ के मुताबिक चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने आर्मी परेड में दुश्मनों को हराने में चीनी सेना को सक्षम बताया है.

आर्मी दिवस के मौक़े पर चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी आर्मी किसी भी आक्रमण को मात देगी. इस तनाव के बीच ही भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल चीन गए थे, लेकिन दोनों को देशों में अब तक कोई समझौता नहीं हो पाया है.

चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के 90वें स्थापना दिवस पर एक परेड का आयोजन किया गया. इस मौक़े पर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इस विशाल परेड का मुआयना किया.

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चीन का राष्ट्रपति कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) की सेंट्रल कमेटी का महासचिव और सेंट्रल मिलिटरी कमिशन का भी चेयरमैन होता है.

चीनी मीडिया के मुताबिक 1949 में पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ़ चाइना की स्थापना के बाद आर्मी दिवस की याद में पहली बार ऐसी परेड का आयोजन किया गया. चीन की सरकारी मीडिया शिन्हुआ के मुताबिक इस मौक़े पर चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि सीपीसी और सभी चीनी नागरिकों को पीएलए पर गर्व है.

शिन्हुआ ने बताया कि राष्ट्रपति ने परेड में आर्मी में लड़ाकूपन को बढ़ाने के लिए सुधार और आधुनिकीकरण का आदेश दिया है. शिन्हुआ के मुताबिक राष्ट्रपति ने कहा, ''इतिहास ने साबित किया है कि पीएलए एक बहादुर आर्मी है जो सीपीसी के आदेशों का पालन करती है, देश की सेवा करती है और पूरी तरह से वफ़ादार है. इसके साथ ही चीन के निर्माण के लिए लड़ती है.''

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शिन्हुआ के मुताबिक शी जिनपिंग ने कहा, ''पीएलए सभी आक्रमणकारी दुश्मनों को हराने और चीन की राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा के लिए कृतसंकल्प और सक्षम है.'' शिन्हुआ के मुताबिक इस परेड में शी जिनपिंग एक खुली जीप पर सवार थे.

इस दौरान आर्मी गीत बजाया जा रहा था. इस परेड में चीन ने अपनी ताक़त का प्रदर्शन किया. पीएलए का गठन एक अगस्त, 1927 को हुआ था. आज की तारीख़ में इसमें 20 लाख सैन्यकर्मी हैं. यह दुनिया की सबसे बड़ी आर्मी है.

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शिन्हुआ के मुताबिक झुरिह मिलिटरी बेस एशिया का सबसे बड़ा आर्मी ट्रेनिंग बेस है. यह 1000 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है. शिन्हुआ ने बताया है कि यहां कई बड़े सैन्य अभ्यास हुए हैं. यहां अंतरराष्ट्रीय वॉर गेम भी आयोजित किए जाते हैं.

इस इलाक़े की जैसी भौगोलिक स्थिति में है उसमें कहा जाता है कि यह संयुक्त सैन्य अभ्यास के लिए माकूल ठिकाना है.

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