नीतीश सहूलियत के मुताबिक अंतरात्मा जगाते हैं: तेजस्वी यादव

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बुधवार को आरजेडी नेता और आरजेडी-जेडीयू की पूर्व सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर कई सवाल दागे और उनकी नैतिकता पर तीखे वार किए.

दरअसल, तेजस्वी एडीआर की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बीजेपी की मदद से बनाई गई एनडीए सरकार में शामिल मंत्रियों के कथित भ्रष्टाचार पर नीतीश कुमार को कटघड़े में खड़ा कर रहे थे.

एडीआर (एसोसिएशन ऑफ़ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म) की एक कथित रिपोर्ट के मुताबिक बिहार की वर्तमान सरकार में करीब़ 75 फ़ीसदी मंत्री दाग़ी हैं.

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इसी रिपोर्ट के मुताबिक पिछली आरजेडी-जेडीयू सरकार के 28 में से 19 मंत्री दाग़ी थे.

तेजस्वी ने सवाल उठाया कि क्या व्यापम घोटाले की जांच सीबीआई करेगी. उन्होंने कहा कि वो पनामा पेपर्स घोटाले की जांच की मांग करेंगे.

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Image caption बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

नीतीश की अंतरात्मा पर सवाल

इस दौरान तेजस्वी लगातार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अंतरात्मा की आवाज़ को ललकारते हुए उनपर तीख़ा वार करते रहे.

उन्होंने कहा, "किस नैतिकता की बात करते हैं. क्या यह कुर्सी आत्मा है, या लालच आत्मा है, या डर आत्मा है या मोदी आत्मा हैं. बिहार की जनता जानना चाहती है कि किस नैतिकता के आधार पर पूर्व सरकार को गिराया गया. नीतीश कुमार अपनी सहूलियत के मुताबिक अंतरात्मा जगाते हैं."

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'नीतीश पर भी है 302 का मुकदमा'

इस दौरान तेजस्वी ने नीतीश कुमार पर भी दागी होने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, "बिहार में क्या ये 75 फ़ीसदी अपराधी मंत्रियों के साथ विकास करेंगे. इन पर 302 का मुकदमा है. 2004 में इन्होंने छुपाया, लेकिन 2012 में फिर 302 के मुकदमे का जिक्र किया. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जवाब दें."

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Image caption बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी

सुशील मोदी पर तेजस्वी के आरोप

तेजस्वी ने इसके बाद उपमुख्यमंत्री पर आरोप का सिलसिला शुरू किया. उन्होंने कहा, "सुशील कुमार मोदी के भाई आरपी मोदी, महावीर मोदी पर बिल्डिंग घोटाले में आरोप हैं. हम उस पर भी आएंगे. नीतीश कुमार का गला ज़्यादा बोलने से ख़राब हो जाता है, ये नहीं चलेगा. उन नेताओं को आगे खड़ा करने से कुछ नहीं चलेगा, जिनका कोई जनाधार नहीं है."

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बदनाम करने का आरोप मढ़ा

तेजस्वी ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, "नौजवान उपमुख्यमंत्री बेदाग था तो उनको तकलीफ़ हो रही थी, लेकिन वर्तमान उपमुख्यमंत्री पर पांच मुकदमे चल रहे हैं. क़ानून बना दें कि जिसपर भी मुकदमा चल रहा है वो चुनाव नहीं लड़ेगा. ईमानदार को बदनाम कर रहे हैं. हमारे विभाग में तेज़ी से काम हो रहा था, लेकिन इसे लगातार दबाया जाता रहा."

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'जनता पूछेगी नीतीश से सवाल'

इसके बाद वो फ़िर नीतीश कुमार पर बरसे. उन्होंने कहा, "नीतीश ने वोट की डकैती की है. आपने जो भूल किया है, पाप किया है उस पर आपसे ज़िंदगी भर बिहार की जनता पूछने का काम करेगी. ज़िंदगी भर आपको इन सवालों का जवाब देना पड़ेगा."

तेजस्वी ने कहा, "विपक्ष की आवाज़ दबाने के लिए लाइव ब्रॉडकास्ट को रोका गया. जब हम विधानसभा में बात कर रहे थे तो प्रसारण को रोक दिया गया. हमारी बात को लाइव से क्यों रोका गया. आप लोगों को गुमराह कर रहे हैं."

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'हे राम से जय श्री राम में पलटी मारी'

नीतीश ने लालू यादव पर जातिवाद की राजनीति करने का आरोप लगाया था. इस पर तेजस्वी ने कहा, "जातिवाद की राजनीति तो आप कर रहे हैं. जब मायावती, अखिलेश समेत सभी वो नेता मंडल के लोगों को एक करने की बात कर रहे थे तो आपने धोखा दिया. सब की एकता की बात की जा रही थी, लेकिन नीतीश कुमार ने 'हे राम' से 'जय श्री राम' में पलटी मार ली."

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'कुर्सी से प्रेम है, बिहार से नहीं'

तेजस्वी ने नीतीश पर चंपारण सत्याग्रह के शताब्दी वर्ष में बापू के हत्यारों के साथ जाने का आरोप भी लगाया. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश को बिहार की चिंता नहीं है. उन्होंने कहा, "विकास की बात करते हैं. इन्होंने चार साल बिहार के विकास को बर्बाद करने का काम किया है. चार सरकारों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही रहे. बिहार में चार साल में चार सरकारें क्यों बनीं? इनको केवल कुर्सी से प्रेम है बिहार के विकास की चिंता नहीं है."

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'घमंडी हैं नीतीश कुमार'

इस दौरान तेजस्वी लगातार नीतीश कुमार पर तीखे वार करते रहे. उन्होंने कहा, "इनको लगता है कि जो हैं ये ही हैं, बाकी सब बेकार हैं. इस लोकतंत्र में ये नहीं चलेगा. भूमिका बनाते हैं, रणनीति बनाते हैं. इस ख्वाब में हैं कि वो अंतिम सांस तक बिहार के मुख्यमंत्री बने रहेंगे. ये आपका घमंड आने वाले चुनाव में जनता दूर कर देगी."

नीतीश पर परिवारवाद का आरोप

तेजस्वी ने नीतीश पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप भी लगाया और कहा कि वो आने वाले दिनों में उनके मंत्रियों का पर्दाफ़ाश करेंगे. उन्होंने कहा, "उनके मंत्री भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, क्या इस्तीफ़ा देंगे. इनके मंत्रियों का पर्दाफ़ाश करेंगे. परिवारवाद, पुत्र मोह का आरोप लगाते हैं. तो बताएं पशुनाथ पारस कौन हैं? न विधायक हैं और न ही कोई जनाधार, उनको मंत्री क्यों बनाया गया? बीजेपी के कई नेता के परिवार वालों को चुनाव हारने के बाद भी मंत्री बनाया जा रहा है, कहां गई नीतीश कुमार की अंतरात्मा."

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'नीतीश से बीजेपी लेगी बदला'

तेजस्वी ने कहा, "हमारे साथ किस बात की असुरक्षा थी. बीजेपी 2013 में जो धोखा खाई थी उसका बदला लेने वाली है. ये सरकार बहुत कम दिनों के लिए चलेगी. हमें चिंता है कि आप अपनी कुर्सी के चक्कर में फंस गए. आपको आरजेडी ने पुनः जीवित करने काम किया था, लेकिन आपने धोखा दिया."

अंत में तेजस्वी ने बीजेपी से भी कई सवाल किए. उन्होंने पूछा, "बीजेपी ने मुख्यमंत्री जी को गालियां दी थीं अब उस पर क्या राय है? मोदी जी ने नीतीश जी का डीएनए ख़राब है बोला था, उस पर अब उनकी या बीजेपी वालों की क्या राय है?"

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Image caption नीतीश कुमार, सुशील कुमार मोदी और लालू प्रसाद यादव

बिहार में क्या हो रहा है?

बिहार में पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक घटनाक्रम में बहुत तेज़ी से परिवर्तन हुआ.

26 जुलाई को नीतीश कुमार ने जब बिहार में आरजेडी-जेडीयू गठबंधन की सरकार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दिया था तो उन्होंने कहा कि अंतरात्मा की आवाज़ पर इस्तीफ़ा दिया है. उन्होंने यह भी कहा था कि कफ़न में कोई जेब नहीं होती.

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बीजेपी की मदद से छठी बार राज्य का मुख्यमंत्री बनने के बाद 31 जुलाई को नीतीश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के ज़रिए उन पर लग रहे आरोपों पर सफ़ाई दी. इस दौरान उन्होंने कहा कि वो भ्रष्टाचार से समझौता नहीं कर सकते थे और साथ ही कई कारणों को गिनाया, इसमें लालू यादव और उनके परिवार वालों के यहां छापे के बाद तेजस्वी का पद पर बने रहना भी शामिल था.

इसके बाद 1 अगस्त को आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने नीतीश कुमार को पलटूराम बताते हुए कहा था कि उनसे बड़ा सत्ता का लालची कोई नहीं है. बुधवार को तेजस्वी के आरोपों के बाद लगता है कि अभी आरोप-प्रत्यारोपों का दौर चलता जल्दी नहीं थमेगा.

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