दमन-दीव प्रशासन का रक्षाबंधन मनाने के फैसले पर यू-टर्न क्यों?

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केंद्र शासित प्रदेश दमन-दीव ने 1 अगस्त को एक सर्कुलर जारी कर रक्षाबंधन के पर्व को दफ़्तरों में मनाने के आदेश दिए थे.

दरअसल, प्रशासन अपनी सभी महिलाकर्मियों से रक्षाबंधन के दिन उनके पुरुषकर्मियों को राखी बंधवाना चाहता था.

इतना ही नहीं वो रक्षाबंधन के दिन इस पर्व को मनाने ऑफ़िस पहुंचे सभी स्टाफ की उपस्थिति के रिकॉर्ड भी रखना चाहता था.

लेकिन कर्मचारियों के विरोध के बाद यह आदेश वापस ले लिया गया.

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Image caption प्रशासन की ओर से जारी किया गया सर्कुलर

सोशल मीडिया पर विरोध

सर्कुलर कार्मिक विभाग के उपसचिव गुरप्रीत सिंह ने जारी किया था, जिसमें उन्होंने सभी सरकारी विभागों को रक्षा बंधन के दिन खुले रखने के आदेश दिए थे.

रक्षाबंधन देश भर में मनाया जाने वाला हिंदुओं का पर्व है, और इस दिन सरकारी छुट्टी होती है.

उपसचिव की ओर से जारी इस सर्कुलर को सोशल मीडिया पर डाला गया. लोगों की कड़ी प्रतिक्रिया के बाद अधिकारियों को इस निर्देश वापस लेना पड़ा.

बीबीसी से बात करते हुए प्रशासनिक पदाधिकारी प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि सर्कुलर को वापस ले लिया गया है. इसे वरिष्ठ पदाधिकारियों से परामर्श के बिना ही जारी कर दिया गया था.

उन्होंने कहा, "इस तरह का सर्कुलर जारी नहीं किया जा सकता. जैसे ही मुझे इसके बारे में पता चला, मैंने इसे वापस लेने को कहा."

वहीं, उपसचिव गुरप्रीत सिंह ने कोई भी प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया.

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शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई

बीबीसी से बात करते हुए वरिष्ठ आईएएस पदाधिकारी जेबी सिंह ने कहा, "सर्कुलर में इस तरह की भाषा का प्रयोग किया गया था जिससे ऐसा लग रहा था कि कर्मियों का उपस्थित होना अनिवार्य है. जबकि इस तरह की कोई मंशा नहीं थी. हमलोग अन्य त्योहार भी मनाते हैं लेकिन उसमें कर्मियों का उपस्थित होना अनिवार्य नहीं होता है."

जेबी सिंह ने कहा कि इस संदर्भ में कर्मियों के शिकायतें मिली थीं, जिसमें उन्होंने रक्षाबंधन के दिन अनिवार्य रूप से उपस्थित होने का विरोध किया था. इसके बाद उसी दिन सर्कुलर वापस ले लिया गया.

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हालांकि प्रशासन उस अधिकारी के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने के मूड में नहीं दिख रहा है जिसने यह सर्कुलर जारी किया था.

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