'मैं अगर गाड़ी रोकती तो शायद बच नहीं पाती'

पीड़ित लड़की

हरियाणा भाजपा के अध्यक्ष सुभाष बरला के बेटे विकास बराला समेत दो लोगों पर छेड़छाड़ का आरोप लगाने वाली लड़की ने कहा है कि अगर पुलिस समय पर नहीं आती तो अभियुक्त उसका अपहरण कर देते.

हरियाणा भाजपा के अध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे विकास बराला समेत दो लोगों को एक लड़की से छेड़छाड़ करने के आरोप में शनिवार को चंडीगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार किया था. हालांकि, बाद में दोनों को जमानत पर छोड़ दिया गया.

आरोप लगाने वाली लड़की एक आईएएस अधिकारी की बेटी है. पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर आरोपियों की कार जब्त कर ली है. मामले को लेकर लड़की ने शनिवार को कोर्ट में बयान दर्ज कराया है.

हरियाणा बीजेपी के प्रवक्ता डॉक्टर संजय शर्मा ने इस संबंध में बीबीसी से कहा कि यह साइड का मामला है और पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है. पुलिस स्वतंत्रता से अपनी जांच कर रही है.

उन्होंने बताया कि युवकों को हिरासत में लिए जाने और उन्हें जमानत मिलने तक यह किसी को नहीं पता था कि इस मामले में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष का बेटा भी शामिल है. इसलिए यह कहना कि बीजेपी के दबाव में आकर युवकों को जमानत दी गई है यह सरासर गलत आरोप है.

हरियाणा बीजेपी अध्यक्ष का बेटा छेड़खानी में गिरफ़्तार

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Image caption सुभाष बराला हरियाणा की भाजपा इकाई के अध्यक्ष हैं.

पीड़ित लड़की ने बीबीसी के साथ शुक्रवार की रात हुई घटना को साझा किया

'मेरा किडनैप लगभग हो ही गया था. मै चंडीगढ़ सेक्टर 8 से पंचकुला की तरफ आ रही थी. तभी सेक्टर 7 से एक गाड़ी मेरा पीछा करने लगी. उस गाड़ी में बैठे लड़के मुझे डराने और रोकने की कोशिश करने लगे. सेक्टर 26 के अंदर के उन्होंने मेरी गाड़ी ब्लॉक कर दी और फिर वो उतरकर मेरी तरफ आने लगे. उसी दौरान मैने पुलिस को फोन किया.

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पुलिस ने मेरी काफी मदद की. पुलिस ने कहा कि मै चलती रहूं और रास्ते में मुझे मदद मिल जाएगी. इन लड़कों ने मुझे सारे रास्ते तंग किया और हाउसिंग बोर्ड चौक के पास वे उतरकर मेरी गाड़ी का दरवाजा खोलने की कोशिश करने लगे. तभी पुलिस वहां पहुंच गई और उन्हें पकड़ने में कामयाब रही.

उस समय मेरे सामने दो ही रास्ते थे या तो मैं चुपचाप गाड़ी चलाती रहती या फिर पुलिस को सूचित करती. मैंने पुलिस को बताना बेहतर समझा. उस समय मेरे हाथ कांप रहे थे, सांस फूल रही थी. मैने बहुत मुश्किल से उनकी गाड़ी का नंबर नोट किया.

मेरी कमर में पैरालिसिस जैसा दर्द होने लगा था. वह वक्त मेरे लिए जीवन या मृत्यु का था. मैंने सोच लिया था कि अगर इस वक्त कुछ ना कर सकी तो मै खत्म हो जाउंगी.

जीवन मौत का सवाल था इसलिए चलती रही. मुझे पता था कि अगर मैंने गाड़ी रोकी तो शायद बच न पाऊं.

मै गाड़ी चलाते हुए ज़ोर-ज़ोर से हॉर्न बजा रही थी. मै लोगों का ध्यान अपनी तरफ लाना चाहती थी. हालांकि मुझे पता था कि इस तरह कोई अपनी गाड़ी रोककर मेरी मदद नहीं करेगा.

इस घटना से पहले मुझे कभी रात में बाहर अकेले निकलने से डर नहीं लगता था. लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि मै घर में बैठ जाउंगी. जब लड़कों को रात में बाहर घूमने से डर नहीं लगता तो हम लड़कियों को डर क्यों लगे.

हम इस समाज या लड़कों की सोच तो नहीं बदल सकते. इसलिए लड़कियों को ही अलर्ट होना होगा. उन्हें यह समझना होगा कि हर वक्त उनके साथ कोई हो यह जरूरी नहीं. इसलिए सेल्फ डिफेंस करना हर लड़की को आना चाहिए.

उधर, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर भी रविवार को मीडिया के सामने आए और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का बचाव किया. उन्होंने कहा कि बेटे के अपराध के लिए पिता (सुभाष बराला) को सज़ा नहीं दे सकते. उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की जाँच कर रही है.

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